अब छोटे-मोटे कार्यक्रम कराने भी भारी पड़ेंगे। अगर आप किसी ऐसे कलाकार को बुला रहे हैं, जिसकी फीस एक लाख रुपये से अधिक है तो वह सर्विस टैक्स के दायरे में आएगा। इस पर टैक्स चुकाना पड़ेगा।
इसके अलावा अगर किसी कंसर्ट, म्यूजिकल परफार्मेंस का एंट्री टिकट अगर 500 रुपये से अधिक रखा गया है तो उस पर भी सर्विस टैक्स वसूला जाएगा।
सर्विस टैक्स की इस नई व्यवस्था से किसी त्योहार आदि के मौके पर कार्यक्रम कराने वाले लोगों पर खासा असर पड़ेगा। अब होली आने वाली है। सर्विस टैक्स की नई व्यवस्था को देखते हुए अब यह महंगी पड़ने वाली हैं।
अभी तक इन पर सर्विस टैक्स नहीं पड़ रहा था। शनिवार को घोषित आम बजट के प्रावधानों में इन्हें सर्विस टैक्स के दायरे में ले लिया गया है। शहर भर में सालाना इस तरह के डेढ़ हजार से अधिक कार्यक्रम होते हैं।
बजट में नहीं दिखा सेहत की चिंता
जेटली के बजट में चिकित्सा-स्वास्थ्य के लिए अलग व्यवस्था न होने से डॉक्टर निराश हैं। उनका कहना है कि अब नई दवाओं की खोज और घातक रोगों के इलाज के लिए शोध कार्य करना मुश्किल होगा। इसके अलावा जीवनरक्षक औषधियों, सर्जरी, पैथोलॉजी उपकरणों के दाम न घटने से मरीजों को भी र्कोई राहत नहीं मिलेगी।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि रक्षा बजट की तरह स्वास्थ्य बजट की भी अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। तभी शोध होंगे और स्वाइन फ्लू जैसे घातक रोगों की वैक्सीन तैयार होंगी। नई दवाएं बनेंगी।
कैंसर, एड्स, थैलीसीमिया, हेपेटाइटिस बी और सी की दवाएं बहुत महंगी हैं। इलाज गरीबों की पहुंच से बाहर है। औषधि सस्ती होने से उन्हें इलाज मिल सकता था। लेकिन, बजट में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
सब्सिडी की थी आस
डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें गैस, पेट्रोलियम पदार्थों की तरह जीवनरक्षक औषधियों, उपकरणों पर सब्सिडी दिए जाने की उम्मीद थी। घातक वायरल संक्रमण के इलाज को आयात होने वाली दवाओं पर भी कर घटना चाहिए था।
मौज-मस्ती पर टैक्स का नया बोझ
आम आदमी की मौज-मस्ती पर टैक्स का नया बोझ पड़ गया है। अब गेमिंग जोन, बालिंग ऐली जैसी गतिविधियों को भी सर्विस टैक्स के दायरे में ले लिया गया है।
छुट्टी के दिन परिवार के साथ फन वैली, फन एंड फूड किंगडम का रुख करने वाले कम नहीं, ऐसे में बड़ी तादाद में लोग इस व्यवस्था से प्रभावित होंगे।
शहर में राजपुर रोड, हरिद्वार रोड, हरिद्वार बाईपास, बसंत विहार, डालनवाला आदि क्षेत्रों में खुले तमाम माल्स में भी बच्चों के लिए गेमिंग जोन समेत बालिंग ऐली जैसे खेलों के लिए व्यवस्था की गई है।
कई क्लब भी इस तरह की गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। इसके साथ ही रिजर्व बैंक को दूसरे बैंकों की दी जाने वाली सेवाओं को भी इसी दायरे में लिया गया है।