उत्तराखंड के दो हजार बीएसएनएल कर्मी मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। इससे ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ी। कस्टमर केयर पर बिल जमा कराने में दिक्कत हुई, वहीं फाल्ट दूर करने के लिए कर्मचारी नहीं मिले। लैंड लाइन, ब्राड बैंड सेवा इससे खास तौर पर प्रभावित रहीं।
18 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल
यह कर्मचारी 18 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियन/एसोसिएशन के संयोजक एसएस रौथाण के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बीएसएनएलईयू, यूएनएफटीई, एसएनईएआई, एआईबीएसएनएलईए, एफएनटीओ, बीटीईयू से जुड़े सभी सदस्य इसमें शामिल हैं।
धरना, प्रदर्शन में जेपी कोठारी, एवी उनियाल, त्रिवेणी प्रसाद, बीएम ध्यानी, जयविक्रम सिंह, जगबीर सिंह राणा, किशोरी लाल चमोली, रामपाल, मस्ती राम उनियाल, संजय आर्य आदि शामिल रहे।
यह हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें-
बीएसएनएल और एमटीएनएल का विलय न किया जाए।
स्पेक्ट्रम आवंटन को बीएसएनएल के लिए नियमों में शिथिलता हो।
पेंशन योगदान वास्तविक वेतन पर किया जाए।
4जी सेवाएं केवल बीएसएनएल को ही दी जाएं।
बीएसएनएल में नई भर्तियां शुरू की जाएं।
आईटीआई से उपकरण खरीदने की बाध्यता समाप्त की जाए।
उपकरणों और केबलों की व्यवस्था की जाए।