बाबूजी धीरे चलना....जरा संभलना। देहरादून स्थित नागथात में लोक निर्माण विभाग के समरजेंस मोटर मार्ग पर जगह-जगह टूटी सुरक्षा दीवारें, उबड़-खाबड़ सड़क और मलबे के लगे ढेर पर उक्त गीत के बोल एकदम सटीक बैठते है। मार्ग पर ऐसे हालातों में सफर करते समय लोगों की सांसें अटकी रहती हैं। वहीं, मलबे के ढेर के कारण सड़क जगह-जगह संकरी हो गई है बावजूद अब तक विभाग ने सड़क की कोई सुध नहीं ली है। किमी तीन के पास तो सड़क की हालत बेहद ही चिंताजनक बनी हुई है। साल 2013 में आई आपदा के जख्म सड़क पर साफ देखे जा सकते हैं।
सरपंच गुमान सिंह तोमर, गंभीर सिंह, रणवीर सिंह, दिनेश तोमर आदि का कहना है कि पूरी तरह से बदहाल इस सड़क पर सुरक्षा दीवार, काज-वे, पेंटिंग, पैराफिट सब कुछ टूटा पड़ा है। हल्की सी बारिश में ही सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। शिकायत के बाद भी अब तक कोई भी विभागीय अधिकारी सड़क की सुध लेने नहीं पहुंचा है जबकि, सड़क से दो दर्जन से भी अधिक गांव की आवाजाही जुड़ी हुई है। उखड़ी पेंटिंग और उबड़-खाबड़ सड़क के कारण वाहनों की हालत भी खस्ता हो जाती हैं।
सड़क से ये गांव हैं जुड़े
लुहारना, मुंशीगांव, खुन्ना, कांडोई, रखताड़, ऊभऊ, मैसासा, क्यारी, सरियाना, चिला, लुधेरा, लक्सियार, खाड़ी, धिरोई, सिंगूूठा,
थात कालोनी, चिचराड़, धिरोई, रामपुर, गड़ोल, कुन्ना, डाबरा, खाती समेत दो दर्जन गांव की आबादी जुड़ी है।
बजट की कमी के चलते सड़क की मरम्मत का काम सही समय पर शुरू नहीं हो सका। शीघ्र ही सड़क पर सुरक्षा दीवार और पेंटिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
राजेंद्र सिंह चौहान, ईई, लोनिवि (वर्ल्ड बैंक)