डील परिसर (रायपुर) में गिरफ्तारी के बाद दोनों के सरकारी आवासों और कार्यालयों में भी छापा मारा गया। उसके बाद बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियों को स्पेशल सीबीआई जज सुजाता सिंह की अदालत में पेश किया गया।
सीबीआई के वकील सतीश अरोड़ा ने बताया कि कोर्ट में आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की। इस पर जज ने आरोपी से आरोप के बारे में पूछा तो उसका पछतावा जुबान पर आ गया। आरोपी केके सिंघल ने कोर्ट रूम में अपनी गलती स्वीकार की।
उन्होंने कहा कि ‘मुझे इस बात का पछतावा है कि मैंने 20 जनवरी को रिश्वत मांगी और बुधवार को ठेकेदार से रिश्वत ली’। इस बात को उन्होंने एक पत्र में लिखकर जज के सामने प्रस्तुत किया। केके सिंघल ने पत्र में लिखा कि ‘मुझे बचाव के लिए कोई वकील नहीं चाहिए। लिहाजा, मेरी सजा पर तत्काल फैसला कर दिया जाए’। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
एडवोकेट सतीश ने बताया आरोपी केके सिंघल का पत्र नियमानुसार जिला कारागार भेज दिया है। वहां से 24 घंटे के बाद पत्र न्यायालय में दोबारा आएगा। इस पर शुक्रवार को न्यायालय में सुनवाई की जाएगी। हालांकि, इस प्रकरण में दूसरे आरोपी ने अपनी ओर से कुछ नहीं कहा है।
खचाखच भरा कोर्ट रूम सकते में
दोनों आरोपियों को करीब डेढ़ बजे कोर्ट में लाया गया था। इस दौरान कोर्ट रूम खचाखच भरा हुआ था। जज ने जब आरोपी केके सिंघल से आरोपों के बारे में पूछा तो उनका जवाब सुनकर सभी सकते में आ गए। एडवोकेट सतीश ने बताया कि यह पहला मौका है जब किसी आरोपी ने इस तरह से अपने जुर्म कबूल किया हो।