अल्मोड़ा के मार्चुला में अब उत्तराखंड की पहली पीतल नगरी भी धरातल पर उतर रही है। सरकार ने इसके लिए 11 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है।
इसमें से 2.5 करोड़ रुपए सड़क और सीवरेज नेटवर्क के लिए जारी किए जा चुके हैं। रविवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत के औद्योगिक सलाहकार रणजीत रावत पीतल नगरी का शिलान्यास करेंगे। मुरादाबाद की तर्ज पर विकसित किए जा रहे इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए सरकारी भूमि के साथ-साथ किसानों से भी जमीन जुटाई गई है।
पीतल नगरी को विकसित करने का जिम्मा सिडकुल को सौंपा गया है। सिडकुल के महाप्रबंधक एसएल सेमवाल के मुताबिक सिडकुल ने 79 किसानों से यह जमीन खरीदी है। इसके लिए किसानों को 1.22 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कुल 30 एकड़ भूमि में यह पीतल नगरी बसेगी। पीतल नगरी को मुरादाबाद की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।
मुरादाबाद में इस समय करीब 600 निर्यातक हैं। करीब 5000 औद्योगिक इकाइयां इस क्षेत्र में काम कर रही हैं। रणजीत सिंह रावत के मुताबिक पीतल की कारीगरी की मांग पूरे विश्व में तेजी से बढ़ रही है। अल्मोड़ा के इस क्षेत्र में पीतल की कारीगरी की पुरानी परंपरा भी रही है। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों को कुशल कारीगर भी उपलब्ध हो सकेंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
प्रदेश में इस समय पीतल का उपयोग करने वाली इकाइयां रुड़की में अधिक हैं। रुड़की में सर्वे एवं ड्राइंग इंडस्ट्री इस धातु का उपयोग कर सर्वे उपकरण और अन्य वस्तुओं का निर्माण करती है। इसके अलावा पीतल की धातु से बनने वाले ऑटो पार्ट्स की इकाइयां भी प्रदेश में अब पनप रही हैं।