देवभूमि की परंपरागत फसलों के संरक्षण व संवर्धन के लिए उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) की ओर से अल्मोड़ा स्थित सोहन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर में हरेला पीठ की स्थापना की गई है। यूसर्क की निदेशक प्रोफ़ेसर डॉ अनीता रावत ने बताया कि पीठ के तहत परंपरागत फसलों पर शोध के साथ उत्तराखंड के परंपरागत भोजन के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाया जाएगा।
निदेशक प्रोफ़ेसर डॉ अनीता रावत ने बताया कि हरेला पीठ में उच्च तकनीकयुक्त नर्सरी की स्थापना के साथ ही टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला स्थापित की गई है। इसमें राज्य के विद्यार्थियों को राज्य की परंपरागत फसलों की जानकारी के देने के साथ ही औषधीय पौधों के बारे में भी जानकारियां मुहैया कराई जाएगी। हरेला पीठ की तरफ से व्यापक सघन वृक्षारोपण कार्य कराने के साथ ही व्यवसायिक प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। दूसरी ओर सोबान सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि इससे परंपरागत फसलों औषधीय पौधों के संरक्षण में मदद मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी मुहैया कराए जा सकेंगे।