फिल्म में एक मुस्लिम परिवार को केंद्रित कर बढ़ती आबादी की समस्या को उठाया गया है। फिल्म में धर्म के नाम पर मुस्लिम पुरुषों की मनमानी और मुस्लिम महिलाओं की विवशता को भी दर्शाया गया है। गत वर्ष जब पहली बार फिल्म का पोस्टर जारी किया गया था तब इस पर विवाद हुआ था। पहले इस फिल्म का नाम 'हम दो हमारे बारह' था। मगर सेंसर बोर्ड ने इस पर आपत्ति जताई थी। सेंसर बोर्ड से काफी जद्दोजहद के बाद फिल्म को नया नाम 'हमारे बारह' मिला।