अभिभावक लगातार अपने बच्चों की चिंता में बच्चों से मिलने पहुंच रहे थे। इसी बीच बाल आयोग की जांच ने भी सारी पोल खोलकर रख दी। पता चला कि यहां बच्चों की सुरक्षा को लेकर कदम नहीं उठाए गए हैं।
लगभग 50 बीघा के कैंपस में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। अब चूंकि स्कूल की मान्यता पर तलवार लटकी है तो अभिभावक और ज्यादा चिंतित हो गए।
बताया जा रहा है कि बोर्डिंग में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक धीरे धीरे देहरादून में इकट्ठा होना शुरू हो गए थे।
बृहस्पतिवार को स्कूल में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं खत्म होने के बाद अभिभावकों ने अपने बच्चों को यहां से हटाने का फैसला किया।
इस पर बोर्डिंग स्कूल के ज्यादातर बच्चों के अभिभावक अपने अपने बच्चों को शुक्रवार को यहां से लेकर चले गए।
हालांकि, कितने यहां से गए हैं इसकी पुष्टि करने के लिए स्कूल में कोई अधिकारी ही नहीं है। ज्यादातर जिम्मेदार अधिकारी वर्तमान में जेल में बंद हैं। इसके साथ ही उन्होंने साल खराब होने की दशा में प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी।