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JP Nadda in Uttarakhand: नड्डा ने दिए जीत के मंत्र, कहा- एक परिवार के पास कम से कम पांच बार जाएं

Sun, 26 Dec 2021 01:36 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

रविवार को राजपुर रोड स्थित होटल में आयोजित बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पदाधिकारियों से चुनाव की दृष्टि से 28 बिन्दुओं पर चर्चा की। इसमें उन्होंने हर बूथ के हर परिवार तक सात जनवरी तक कम से कम पांच बार पहुंचने का टास्क दिया।
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JP Nadda in Uttarakhand: जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बूथ इकाई से लेकर पन्ना प्रमुख तक की जिम्मेदारी भी तय की है। उन्होंने कहा है कि हर विधानसभा के हर बूथ के हर परिवार तक जनवरी तक कम से कम पांच बार जरूर जाएं।

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रविवार को राजपुर रोड स्थित होटल में आयोजित बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पदाधिकारियों से चुनाव की दृष्टि से 28 बिन्दुओं पर चर्चा की। इसमें उन्होंने हर बूथ के हर परिवार तक सात जनवरी तक कम से कम पांच बार पहुंचने का टास्क दिया। उन्होंने कहा कि हर परिवार से भावनात्मक रिश्ता होना जरूरी है। उनके सुख-दुख में साथ निभाएं। उन्हें अपनी पार्टी की रीतियों-नीतियों की जानकारी दें। अपनी सरकार की योजनाओं के लाभ उन तक पहुंचाएं। नड्डा ने स्पष्ट किया कि जब तक हर परिवार तक पहुंच नहीं होगी, तब तक जीत की राह प्रबल नहीं होगी। उन्होंने आह्वान किया कि हमें जनवरी के पहले सप्ताह तक ही हर परिवार तक कम से कम पांच बार पहुंच बनानी है ताकि किसी भी तरह की कोई समस्या पेश न आए। उन्हें बूथ तक लाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पार्टी अध्यक्ष का फोकस हर बूथ तक
गढ़वाल मंडल की बैठकों में पार्टी अध्यक्ष का फोकस हर विधानसभा के हर बूथ पर नजर आया। इसलिए वह बार-बार बूथ जीता-चुनाव जीता को दोहराते दिखे। उनका मानना है कि पार्टी का हर छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी बड़े पदाधिकारियों की तरह ही महत्वपूर्ण है।
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प्रत्याशी तय होने से पहले डैमेज कंट्रोल के टिप्स दे गए नड्डा
आगामी विधानसभा चुनाव में कई विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के दावेदार और गुटबाजी की बातें भी पार्टी अध्यक्ष के सामने बैठक में उठीं। इस पर जेपी नड्डा प्रत्याशी तय होने से पहले डैमेज कंट्रोल के टिप्स दे गए। दरअसल, रविवार को जब पहली बैठक शुरू हुई तो कुछ विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों ने गुटबाजी की आशंका जताई। फीडबैक देते हुए उन्होंने आशंका जताई कि अगर समय रहते कुछ न किया गया तो भविष्य में नुकसान हो सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने संगठन के पदाधिकारियों को इसे गंभीरता से लेने को कहा। साथ ही उन्होंने सभी विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों, विस्तारकों को कहा कि वह हर विधानसभा क्षेत्र के सभी दावेदारों से समन्वय स्थापित करें, ताकि ऐसा न हो कि प्रत्याशी चयन होने के बाद बाकी दावेदार नुकसान पहुंचाएं। लिहाजा, डैमेज कंट्रोल के लिए पहले से ही उन सभी के साथ बराबरी का व्यवहार रखा जाए। वहीं नड्डा ने कहा कि एक सप्ताह में ऐसे दावेदारों का पता लगाकर रिपोर्ट जाए जिनके नाराज होने की आशंका हो। 

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नड्डा ने कहा, चुनाव में गुटबाजी आम है लेकिन खास ध्यान दें
बैठक में शामिल हुए कुछ पदाधिकारियों ने बताया कि गुटबाजी को लेकर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी बात भी रखी। उन्होंने कहा कि वैसे तो हर चुनाव में इस तरह की गुटबाजी आम होती है लेकिन इसका खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। कई दावेदार ऐसे होते हैं जिन्हें टिकट नहीं मिलता तो वह कुछ और कदम उठा सकते हैं। इससे पार्टी को नुकसान की आशंका हो सकती है। लिहाजा, उन सभी को साथ लेकर चलना भी जरूरी है। 

छोटी सी मुलाकात के लिए परिक्रमा करते नजर आए दावेदार
आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने वाले नेताओं के लिए भी रविवार को राजपुर रोड स्थित होटल हॉट स्पॉट बना रहा। हाथ में बुके और एक दो समर्थकों के साथ दिनभर वह होटल में जमे रहे। हालांकि, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से वह मुलाकात नहीं कर पाए। रविवार को वैसे तो राजपुर रोड स्थित होटल में संगठन ने गढ़वाल मंडल की 41 विधानसभा सीटों के प्रभारियों, विस्तारकों और प्रवासी कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी। लेकिन देहरादून सहित विभिन्न जिलों से टिकटों के दावेदार भी यहां बिन बुलाए मेहमान रहे। उनकी हसरत थी कि एक बार पार्टी अध्यक्ष उनसे मिल लें। थोड़ी बातचीत हो जाए। यह अलग बात है कि दिनभर के इंतजार के बाद उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। इतना जरूर है कि संगठन के ही कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की नजर में वह चुभते रहे। एक पदाधिकारी ने तो कुछ दावेदारों से तल्खी से बात करते हुए कह भी दिया कि जब तुम्हें यहां नहीं बुलाया गया तो क्यों आए। बावजूद इसके अपने नेता से एक मुलाकात की हसरत लिए दिनभर वह जमे रहे।

व्यवस्था बनाने वाले ही करने लगे अव्यवस्था
संगठन ने जिन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम की व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी दी थी, वह अव्यवस्था करते नजर आए। कई कार्यकर्ता केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ अपनी सेल्फी लेने के चक्कर में लगे रहे। इस वजह से कई बार फजीहत भी हुई।

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बेटियों ने पार्टी अध्यक्ष के माध्यम से जताया पीएम मोदी का आभार

हाल ही में बेटियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने पर आभार जताने के लिए होटल में विभिन्न संस्थाओं से जुड़ी बेटियां, महिलाएं जुटी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित हाथ से पत्र लिखकर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपे। रविवार को बैठक खत्म होने के बाद बेटियों ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। उन्होंने उनके माध्यम से पीएम मोदी का आभार जताया। कहा कि बेटियों को शादी की उम्र में लड़कों के बराबर का अधिकार दिया गया है, जो निश्चित तौर पर उनके सशक्तीकरण में कारगर कदम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इस कदम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के मिशन को यथार्थ कर दिखाया है। अभी तक 18 साल की उम्र ओने तक बेटियों शिक्षित हो हो जाती थी लेकिन उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाती थी या फिर कैरियर नहीं बना पाती थी। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी शादी के लिए 21 साल की उम्र उचित बताई जाती है। लिहाजा, उन्होंने इस महिलाओं की आजादी की दिशा में अहम कदम बताया। इस मौके पर भाजपा नेता दीप्ति रावत समेत अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। 

लंबे समय से दूर निशंक हुए राजनीति में सक्रिय
अस्वस्थ होने की वजह से लंबे समय से मुख्यधारा की राजनीति से दूर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक रविवार को अचानक सक्रिय हो गए। वह दिनभर पार्टी के कार्यक्रम में शामिल रहे। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक अस्वस्थ होने के कारण लंबे समय से मुख्यधारा की राजनीति से दूर थे। वह पार्टी के कई कार्यक्रमों में भी इस दौरान नहीं आ पाए थे। रविवार को वह शुरू से ही पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यक्रम में साथ खड़े नजर आए। वह सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों से अपने पुराने अंदाज में मिले। उत्तराखंड की राजनीति में निशंक का अपना एक कद, पहचान है। इस लिहाज से माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी भी निशंक के अनुभवों का लाभ लेना चाहती है।

आगामी चुनाव में अहम होगी निशंक की भूमिका
डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए अहम साबित हो सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर पार्टी को अपेक्षाकृत कम सीटें मिलती हैं तो ऐसे नाजुक वक्त में निशंक बड़े खेवनहार बनकर उभर सकते हैं। हालांकि यह आने वाला वक्त ही बताएगा कि निशंक कितने कारगर होंगे।

सी-डी और संवेदनशील बूथों के लिए बनेगी अलग रणनीति
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को हुई बैठकों में एक बार फिर बूथों के श्रेणीकरण पर चर्चा की। उन्होंने सी और डी श्रेणी के बूथों के साथ ही संवेदनशील बूथों के लिए अलग रणनीति बनाने पर जोर दिया। दरअसल, भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश के सभी बूथों को चार श्रेणियों में बांटा है। पहली ए श्रेणी ऐसी है, जहां भाजपा पूरी तरह से मजबूत है। दूसरी बी श्रेणी ऐसी है, जहां भाजपा अपेक्षाकृत कम मजबूत है।

तीसरी सी श्रेणी ऐसी है, जहां भाजपा 50 प्रतिशत और चौथी डी श्रेणी ऐसी है, जहां भाजपा बिल्कुल कमजोर है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि तीसरी सी और चौथी डी श्रेणी के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए। इन बूथों की बूथ इकाई से लेकर पन्ना प्रमुख ही नहीं बल्कि प्रभारियों को भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक, समुदाय विशेष से जुड़े संवेदनशील बूथों को भी भाजपा ने विशेष संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। इन बूथों तक अपनी पकड़ बनाने के लिए पार्टी अलग रणनीति बनाएगी।

समीक्षा बैठक में नहीं हुई प्रत्याशियों पर चर्चा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा देहरादून पहुंचे तो माना जा रहा था कि वह समीक्षा बैठक में प्रत्याशियों को लेकर भी चर्चा करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि उन्होंने शाम को सीएम, प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री संगठन से अलग-अलग बैठक की, जिसमें माना जा रहा है कि उन्होंने प्रत्याशियों पर चर्चा की होगी।रविवार को राजपुर रोड स्थित होटल में हुई बैठक में माना जा रहा था कि नड्डा आगामी विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों पर भी चर्चा करेंगे। करीब चार घंटे तक बैठक हुई लेकिन उसमें उनका फोकस प्रत्याशियों के बजाए संगठन की पकड़ मजबूत करने पर दिखाई दिया। सूत्रों के मुताबिक, शाम को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विधायक, मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड लिया। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक से संगठन और महामंत्री संगठन से प्रचारकों के बारे में फीडबैक लिया। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी कहीं से भी पुष्टि नहीं हो पाई।
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