भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की सूची जारी कर दी। कार्यकारिणी में उत्तराखंड के पांच सियासी धुरंधर त्रिवेंद्र सिंह रावत, तरुण विजय, हरबंश कपूर, सतपाल महाराज व मदन कौशिक को शामिल किया गया हैं।
त्रिवेंद्र सिंह रावत: दस साल तक डोईवाला विधानसभा सीट से विधायक व भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। संघ की पृष्ठभूमि के त्रिवेंद्र को संगठन पर मजबूत पकड़ वाला नेता माना जाता है।
उन्हें नरेंद्र मोदी व अमित शाह का करीबी माना जाता है। संगठन में बगैर किसी पोर्टफोलियो के उन्हें झारखंड का प्रभारी बनाया जाना इस बात का उदाहरण है कि वह मौजूदा केंद्रीय नेतृत्व के काफी नजदीक हैं।
सतपाल महाराज: कांग्रेस (तिवारी) और कांग्रेस के टिकट पर पौड़ी से सांसद रह चुके सतपाल महाराज लोकसभा चुनाव 2014 से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुए थे। केंद्र की कांग्रेस सरकार में रेल राज्यमंत्री भी रहे हैं। धार्मिक क्षेत्र से भी जुड़े हैं। देश भर में उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में है। उनकी पत्नी अमृता रावत रामनगर से अब भी कांग्रेस की विधायक हैं।
कार्य समिति में स्थाई सदस्य बने तरुण विजय
तरुण विजय : उत्तराखंड से पार्टी के राज्यसभा सदस्य है। पूर्व में राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसी जिम्मेदारी भी संभाल चुके है। इस समय केंद्र सरकार उनका सदुपयोग भारत-चीन मैत्री संबंधों पर बनी एक कमेटी को नेतृत्व प्रदान करने में किया जा रहा है। उन्हें भी कार्य समिति में स्थाई सदस्य बनाया गया है। तरुण विजय को संघ की पृष्ठभूमि का माना जाता है।
हरबंश कपूर : कपूर पिछले 26 साल से लगातार विधायक हैं। 1989 में पहला विधानसभा चुनाव जीतने के बाद वे लगातार जीतते आए हैं। पिछली भाजपा सरकार में विधान सभाध्यक्ष रहे। उन्हें राज्य में भाजपा के पुराने और स्थापित नेताओं में गिना जाता है।
मदन कौशिक : कौशिक को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। राज्य की पहली विधानसभा से लेकर अब तक लगातार विधायक हैं। भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। कौशिक प्रदेश उपाध्यक्ष है। उन्हें जमीनी नेता माना जाता है। सड़क पर जलसा करना हो या सदन के भीतर बहस, दोनों में ही कौशिक को महारथ हासिल है।
पदाधिकारी के रूप में बलूनी एकमात्र चेहरा
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में अनिल बलूनी आज भी केंद्रीय पदाधिकारियों की टीम में राज्य का एकमात्र चेहरा हैं। क्योंकि बृहस्पतिवार को भाजपा ने चार सदस्य तो बना दिए लेकिन किसी को पदाधिकारी नहीं बनाया गया।
उम्मीद थी कि भाजपा की केंद्रीय टीम के पदाधिकारियों की सूची बृहस्पतिवार को जारी हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पदाधिकारियों की यह सूची पिछले करीब छह महीने से लंबित है। अब माना जा रहा है कि यह सूची अगले सप्ताह जारी हो सकती है।