उन्होंने बताया कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने पर देरी करने में 17 अधिकारियों की सेवा पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि की गई है। उन्होंने कहा जिस याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में उनके खिलाफ याचिका दायर की थी, वह एक माननीय का गनर रहा है।
इससे साफ होता है कि उनके खिलाफ साजिश की गई। इस दौरान उन्होंने विधानसभा में उठाए गए बैकलॉग के मामले में मुख्यमंत्री की ओर से आश्वस्त किए जाने पर उनका आभार जताया। साथ ही बताया कि इस संबंध में सचिव राधा रतूड़ी की ओर से विभागों में एससी/एसटी और ओबीसी के रिक्त पदों को भरने के आदेश जारी कर दिए हैं।
नैनीताल में नहीं हुई मारपीट की कोई घटना
पिछले दिनों नैनीताल में एक विधायक के साथ पपीता खरीदते हुए मारपीट की घटना मीडिया में सुर्खियां बनी थी। अंदेशा जताया जा रहा था कि झबरेड़ा विधायक के साथ ही यह मारपीट हुई थी। लेकिन शुक्रवार को विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि वे घटना के समय घटनास्थल पर थे ही नहीं। ऐसे में उनके साथ मारपीट की बात कुछ लोगों की ओर से साजिश के तहत प्रचारित कराई गई है।