इसके बाद शासन के आदेश पर गठित एसआईटी ने घोटाले की जांच शुरू की। तीन वर्ष से लगातार चल रही जांच में एसआईटी की ओर से साक्ष्यों के आधार पर 28 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनमें से 25 के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। इनमें आरोप निर्धारण के लिए न्यायालय की ओर से 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है।
अभियोग में पैरवी के लिए शासनादेश के आधार पर अब तक सिर्फ जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) को ही नियुक्त किया गया है लेकिन पुलिस मुख्यालय के आदेश पर अब एसआईटी मुकदमों की पैरवी के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता के साथ ही दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पैनल गठित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए एसआईटी जल्द ही एसएसपी बरिंदरजीत सिंह से पत्राचार करेगी।