दरअसल, अनुशासनहीनता का नोटिस जारी होने के फौरन बाद चैंपियन और कर्णवाल मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत हुए थे, जहां उन्होंने वायदा किया था कि वे अब ऐसा कोई आचरण नहीं करेंगे कि संगठन और सरकार को असहज होना पड़े। इसके बाद चैंपियन खुद पर हो रहे हमलों और समूचे घटनाक्रम के बारे में शिकायत करने दिल्ली चले गए।
वे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात को लेकर दिल्ली में डटे हुए हैं। वह पार्टी के केंद्रीय नेताओं से सिलसिलेवार मुलाकात कर रहे हैं। उधर, नैनीताल हाईकोर्ट में कर्णवाल की याचिका की सुनवाई में चैंपियन को पक्षकार बनाया है।
ऐसे में दोनों विधायकों ने पार्टी को फिर से दुविधा में डाल दिया है। खुद को सबसे अनुशासित बताने वाली भाजपा का अनुशासन दोनों विधायकों के विवाद से एक बार फिर सवालों में आ गया है। यही वजह है कि अब पार्टी को तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन करना पड़ रहा है, जो उन सभी मसलों पर अपनी रिपोर्ट देगी जो दोनों विधायकों के विवादों से जुड़े हैं।
अजय भट्ट कहते हैं, ‘अब पार्टी अपने स्तर पर मामले की पड़ताल करेगी। यदि मामले में कोई दोषी पाया जाएगा तो कड़ी कार्रवाई करने से परहेज नहीं होगा।’ भट्ट की मानें तो पार्टी में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए कड़े से कड़ा कदम भी उठाना पड़े तो पार्टी उठाएगी।
झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल की पत्नी के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस में की गई बयानबाजी खानपुर विधायक चैंपियन के समर्थकों पर भारी पड़ सकती है। प्रेस कांफ्रेंस की वीडियो वायरल होने के बाद ही इस मामले ने तूल पकड़ा था।
अब इस मामले में हाईकोर्ट से भी आरोपियों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। बताया गया है कि हाईकोर्ट ने प्रेस कांफ्रेंस की सीडी की ट्रांसलेट कॉपी तलब की है। ऐसे में वायरल वीडियो की सीडी आरोपियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
झबरेड़ा के विधायक देशराज कर्णवाल की पत्नी वैजयंती माला ने बीती 25 मार्च सिविल लाइंस कोतवाली में कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के समर्थक पहल सिंह, फुरकान और पप्पू सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि चैंपियन के समर्थकों ने उनके और अनुसूचित समाज के लिए एक होटल में प्रेस कांफ्रेंस कर जातिसूचक शब्द कहे और उनको बदनाम करने की कोशिश की।
यही नहीं इसकी सीडी भी बनाई गई। हाल ही में तीनों आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। लेकिन कोर्ट से भी आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। बताया गया है कि हाईकोर्ट ने सीडी की ट्रांसलेट कॉपी पेश करने को कहा है। ऐसे में अब यह सीडी आरोपियों के सामने मुश्किलें खड़ी कर सकती है।