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देखती रही पुलिस, CM रावत के आवास तक पहुंच गए भाजपाई

Mon, 05 Oct 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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भाजपा विधायकों व कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का विरोध करने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे भाजपा नेताओं और पुलिस बल के बीच खूब आंखमिचौली हुई। विधायकों समेत प्रदेश भाजपा के 46 पदाधिकारी पुलिस को गच्चा देकर सीएम आवास तक जा पहुंचे। पुलिस की हाथीबड़कला पर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए लगाई बैरिकेडिंग धरी की धरी रह गई।
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सीएम आवास के गेट को घेरे बैठे 21 विधायकों समेत 46 भाजपाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान पुलिस के साथ हुई धक्कामुक्की से मची अफरातफरी में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट सहित कई विधायकों को मामूली चोटें भी आई। शाम को पुलिस लाइंस में निजी मुचलके पर सभी को रिहा कर दिया गया।

सोमवार को प्रदेश भर से भाजपाई विरोध व घेराव कार्यक्रम में पहुंचे थे। बड़ी संख्या में भाजपाई भाजपा सांसद भगत सिंह कोश्यारी के हाथीबड़कला स्थित आवास में एकत्र हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में आवास की तरफ रवाना हुए। पुलिस ने भी बैरिकेडिंग के मुकम्मल इंतजाम किए थे। हाथीबड़कला स्थित ग्रेस एकेडमी व एनसीआर प्लाजा के सामने बैरिकेडिंग की गई। भाजपाई बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और उसको पार करने के लिए जुट गए।
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सीएम आवास पर धक्कामुक्की, ‌कई विधायक चोटिल

भाजपाइयों ने अलग अलग रूटों से मुख्यमंत्री आवास की ओर रुख किया। कुछ विधायक व कार्यकर्ता यंग रोड (दून स्कूल, कैंब्रियन हॉल, छावनी परिषद कार्यालय) होते हुए मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए। कुछ लोग मालसी वाले रास्ते से सीएम आवास पहुंचे। जहां आवास में घुसने की कोशिश में पुलिस से जमकर धक्का मुक्की हुई।

इसमें विधायक अजय भट्ट, बंशीधर भगत, गणेश जोशी व राजकुमार ठुकराल को मामूली चोटें आईं। इससे कार्यकर्ताओं में जोश आ गया। वे उग्र होकर आगे बढ़ने लगे। मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भाजपाइयों को रोका। इससे काफी खासी संख्या में भाजपाई गिर पड़े।

इस दौरान थोड़ा अफरा तफरी मच गई। कार्यकर्ता फिर बैरिकेंडिंग की ओर मुखातिब हुए। इस पर पुलिस और कार्यकर्ताओं में धक्का मुक्की होती रही। इसकेबाद कई विधायक व कार्यकर्ता यहां से मुख्यमंत्री आवास जा पहुंचे।
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एसएसपी ने जोड़ लिए विधायकों के सामने हाथ

भाजपाई मुख्यमंत्री आवास के समक्ष डटे थे। तमाम कोशिशों के बाद भी हटने को तैयार नहीं थे। जिला मजिस्ट्रेट रविनाथ रामन और एसएसपी पुष्पक ज्योति ने मनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन विधायक मानने को तैयार नहीं थे। एसएसपी ने हाथ तक जोड़े पर बात नहीं बनी।

उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत को मौके पर आना ही पड़ेगा। दोपहर 2.40 बज रहे थे। तीन चार मिनट डीएम-एसएसपी ने थोड़ा दूर जाकर विमर्श किया। दोनों शीर्ष अफसरों ने एसपी सिटी अजय सिंह को बुलाया। इसके बाद बलपूर्वक हटाने का फैसला किया गया।

अजय फौरन एक्शन लो
एसएसपी की गुजारिश भाजपा विधायकों ने नहीं मानी तो उन्होंने एसपी सिटी अजय सिंह से कहा फौरन एक्शन लो। इसके बाद पुलिस ने विधायकों और नेताओं को जबरन बसों में डाला। इस दौरान पुलिस और भाजपाइयों में धक्का-मुक्की हुई। भाजपाइयों ने जमकर मुख्यमंत्री विरोधी नारे लगाए। कुछ विधायकों व कार्यकर्ताओं को पुलिस की छोटी बस में गिरफ्तार कर डाला गया। कुछ को सिटी बस में। इसी दौरान विधायक बंशीधर भगत और राजकुमार ठुकराल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें मजिस्ट्रेट की जिप्सी में बैठाकर दून अस्पताल ले जाने के निर्देश जिलाधिकारी ने पुलिस कर्मियों को दिए। इसके बाद सभी पुलिस लाइंस को रवाना हो गए।
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