पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाकर भाजपा ने लोकतंत्र पर कुठाराघात किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश में सूखे और आतंकवाद से निपटने के बजाय कांग्रेस शासित प्रदेशों ऐन-केन-प्रकारेण सत्ता हड़पने के प्रयास में जुट गई है।
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का कोई औचित्य नही था। कमलनाथ ने यह भी कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय के विचाराधीन है। न्यायालय के फैसले का सबको सम्मान करना होगा।
केंद्र की सत्तालोलुपता का प्रदर्शन
पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ मसूरी में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं। हेलीपैड पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाना सरासर गलत और भाजपा की सत्तालोलुपता का प्रदर्शन हैं। केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन हटाकर फ्लोर टेस्ट किया जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कहा कि देश में तमाम समस्यायें खड़ी हैं। सूखे से कई राज्यों में हालात बदतर हो गए हैं। उस और ध्यान देने के बजाय भाजपा कांग्रेस शासित प्रदेशों की लोकतांत्रिक सरकारों को अस्थिर करने के काम में जुटी है। किसी भी तरह से सत्ता हासिल करने में जुट गई हैं।
उन्होंने कहा कि बचपन से ही वे मसूरी की सुंदरता के मुरीद हैं। कमलनाथ ने अपने स्कूल के समय को भी याद किया। हेलीपैड से वह सीधे कार से शादी समारोह में हिस्सा लेने चले गए।