गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा न तो सरकार का भोजन ग्रहण करेगी न ही मिलने वाला जलपान लिया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने साफ किया है कि भाजपा विधानमंडल दल अपने भोजन व जलपान की व्यवस्था स्वयं करेगा।
भाजपा का आरोप है कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र जनभावनाओं नहीं बल्कि पंचायत चुनाव को देखते हुए आयोजित किया जा रहा है। भाजपा चाहती है कि पहले सरकार गैरसैंण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
गैरसैंण पर सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
भट्ट ने कहा कि सत्र के नाम पर सरकारी धन और मशीनरी का दुरुपयोग करने का भाजपा सत्र घोषित से लेकर सदन में भी करेगी।
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सरकार को पहले गैरसैंण पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा। भाजपा विधायक मदन कौशिक ने पूर्व में गैरसैंण को राजधानी बनाये जाने का संकल्प लिया तो सरकार ने उसे गिरा दिया।
भाजपा ने उसी दिन इस संकल्प के माध्यम से कहा था कि सरकार गैरसैंण में राजधानी के मामले पर स्थिति स्पष्ट करे, लेकिन सरकार ने संकल्प गिरा कर अपनी कथनी और करनी में अंतर को साफ किया है।
सरकार कर रही राजनीति: अजय भट्ट
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार गैरसैंण में सत्र आहूत करने की बात कहती है तो दूसरी तरफ एक कैबिनेट मंत्री विधानसभा सत्र चलाने को फिजूलखर्ची बताते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एनडी तिवारी ने तो गैरसैंण को लेकर अपना मत ही बदल दिया।
भट्ट ने कहा कि 14 जनवरी 2013 को गैरसैंण में विधान भवन के शिलान्यास के अवसर पर मैंने मंच से कहा था कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी या ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जाए। ऐसे में गैरसैंण पर राजनीति विपक्ष नहीं सरकार कर रही है।
गैरसैंण के नाम पर कभी कैबिनेट तो कभी विधानसभा सत्र बुलाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है जो जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है।
आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
भट्ट ने आरोप लगाया कि अल्मोड़ा में लाखों रुपये कैबिनेट पर खर्च कर दिए ताथा 4 हेलीकॉप्टर लगाए गए और 3 दिन तक होटलों के कमरे बुक रखे।
भट्ट ने सरकार सदन की खुली अवमानना कर पंचायत चुनाव प्रभावित कर आचार संहिता का खुला उल्लंघन कर रही है। ऐसी स्थिति में विपक्ष सरकार की पोल खोलेगा। भट्ट ने कहा कि गैरसैंण पर सरकार स्थिति स्पष्ट करे।