केदारघाटी में भाजपा मोदी की लहर पर सवार है तो कांग्रेस जोड़ तोड़ के समीकरण में उल्झी हुई है।
नजदीकी विधायक अपने क्षेत्रों में व्यस्त
कांग्रेस सूत्रों पर विश्वास करें तो हरक के नजदीकी विधायक अपने क्षेत्रों में व्यस्त हैं पर इनकी व्यस्तता खुलकर सामने नहीं आ रही है।
सीपीआईएमएल भी केदारघाटी में लोगों से जुड़ाव के बदौलत समीकरण को बदलने की कोशिश में हैं। राहुल की गौचर रैली के बाद भाजपा ने जवाब में मोदी की रैली की पर कांग्रेस जवाब देती नहीं दिखाई दे रही है।
पूरी बदरी-केदार घाटी में भाजपा का जोर खुडूड़ी पर कम और मोदी पर ज्यादा है। अगस्त्यमुनी जैसी जगह पर रैली निकाल रहे भाजपा कार्यकर्ताओं के नारों में सिर्फ मोदी हैं पर खंडूड़ी कहीं नहीं।
यही हाल दोनों घाटियों में भाजपा के पोस्टरों में भी नजर आ रहा है। हर पोस्टर पर खंडूड़ी के साथ मोदी हैं। लोगों के बीच बातचीत में भी मोदी का जिक्र अधिक है और मोदी का कम।
दूसरी ओर कांग्रेस जोड़ तोड़ के समीकरण पर अधिक विश्वास करती दिख रही है।
खुलकर सामने नहीं आ रहे विधायक
हालांकि कांग्रेसी यह भी कह रहे हैं कि केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत, पौड़ी विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल, श्रीनगर विधायक गणेष गोदियाल आदि हरक के लिए अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं पर यह सक्रियता चुनाव मैदान में खुलकर सामने नही आ रही है।
इतना जरूर है कि कर्णप्रयाग, बदरीनाथ आदि स्थानों पर कोशिश हो रही है कि कांग्रेस में नए चेहरों को शामिल किया जाए। खुद हरक सिंह क्षेत्र में बहुत अधिक खुलकर सामने नहीं दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि हरक का क्षेत्र में लोगों से मिलने-जुलने का सिलसिला जारी है। वहीं सीपीएईएमएल के इंद्रेश मैखुरी लगातार बदरीनाथ क्षेत्र पर फोकस किए हुए हैं। इंद्रेश की जनसभाओं का दौर जारी है।
आप प्रत्याशी राकेश नेगी श्रीनगर विश्विद्यालय से जुड़े हुए हैं। नेगी को विश्वविद्यालय से जुड़े मतदाता छात्रा पर भरोसा है और अन्य क्षेत्रों में आप के करीश्मे का। पर आप प्रत्याशी एकला चलों रे के रूप में समीकरण बदलने की कोशिश में हैं।