पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण का जन्म दिवस पतंजलि वैलनेस, पतंजलि योगपीठ-2 के योगभवन सभागार में जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया। स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण ने जनसमूह को स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज, स्वस्थ राष्ट्र व स्वस्थ विश्व के लिए पौधारोपण के लिए संकल्पित कराया।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव कहा कि आचार्य का जन्मदिवस मनाना तो मात्र एक बहाना है, इसका मुख्य उद्देश्य भारत माता के प्रत्येक घर में ही नहीं संपूर्ण धरती माता के आंगन में जड़ी-बूटियां शोभायमान कर संपूर्ण मानवता उनसे स्वास्थ्य व सुखद बनाना है। कहा कि जड़ी-बूटियां प्रकृति-परमेश्वर के अनुग्रह को अनुभव करने का एक माध्यम है। जड़ी-बूटियां मात्र उपचार के लिए ही नहीं अपितु आत्म साक्षात्कार के लिए भी हैं।
आचार्य बालकृष्ण महाराज ने कहा कि जड़ी-बूटियां हमसे नहीं हैं, अपितु जड़ी-बूटियों से हम हैं। हमें अपने जीवन की रक्षा करनी है तो जड़ी बूटियों काे बचाना जरूरी है। इस दौरान 11 पुस्तकों का विमोचन किया गया। ये आयुर्वेदीय ग्रंथों और पांडुलिपियों के संदर्भों से प्रमाणित है।
इसके साथ-साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, रोगों व दवा के नाम पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों की लूट पर आधारित ग्रंथों एलोपैथी चिकित्सा पद्धति व स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का षड्यंत्र, भारतीय चिकित्सा संघ के अनैतिक आचरण का पर्दाफाश उपचार का नकारात्मक पहलू, असुरक्षित स्वास्थ्य प्रणाली स्वास्थ्य सेवा में षड्यंत्र, धोखाधड़ी और घोटाले, जीवन रक्षक, आधुनिक दवाओं का नकारात्मक पक्ष, हाॅलिस्टिक हेल्थ, वर्ल्ड हर्बल रेमेडिज पार्ट-6 मलेरिया का भी विमोचन किया गया।
रक्तदान, नेत्र परीक्षण एवं दंत परीक्षण शिविर संचालित किए गए। लगभग 450 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान किया गया। लगभग 588 लोगों ने नेत्र जांच कराई। 207 लोगों काे निःशुल्क चश्मों का वितरण किया गया।