आसपास के लोगों ने आपातकालीन 108 एंबुलेंस और पुलिस को हादसे की सूचना दी। जिस पर एंबुलेंस दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। यहां डॉक्टर मोनिस सैफी ने दोनों को मृत घाेषित कर दिया। वहीं कोतवाल सलाहउद्दीन भी मय पुलिस बल के दुर्घटनास्थल पहुंच गए। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक व बस को कब्जे में ले लिया। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
अजय की मां सुमन, दो बहनों व छोटे भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं संटी की मां भूसी भी गश खाकर गिर पड़ी। दोनों मृतकों के वियोग में परिजन बेसुध हो गए हैं। कोतवाल सलाहउद्दीन ने बताया कि मृतक किशोर अजय व युवक संटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। दुर्घटना में तहरीर नहीं मिली है। दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है। तहरीर आते ही आरोपी बस चालक के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
अस्पताल में बेटों के शवों पर पिता भी फफक कर रो पड़े
सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के दोनों को मृत घोषित करने के बाद पिता विजय व लाल बाबू की चीख निकल गई और दोनों अपने लाल के शवों को गले लगाकर फफक पड़े। जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने ढांढ़स बंधाया।
छह साल पहले कैमरी से यहां आकर बसा था अजय का परिवार
मृतक अजय का परिवार छह बरस पहले ही बघौरा गांव आया था और तब से यहीं बस गया। अजय के पिता विजय ड्राईवर हैं और गांव के ही एक ग्रामीण की गाड़ी चलाकर परिवार की आजीविका चलाते हैं। कम उम्र में ही अजय बाइक मैकैनिक बन गया और परिवार के भरण पोषण में पिता का हाथ बंटाने लगा। संटी भी अपने पिता के साथ माली के काम में लगा रहता था।