जबकि उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को प्रतिदिन 150 ग्राम चावल, 30 ग्राम दाल, 75 ग्राम सब्जी और 7.5 ग्र्राम तेल दिया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों के पोषण स्तर में और अधिक सुधार के लिए प्रति सप्ताह, प्रति बच्चा पांच रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं।
मानकों के अनुसार प्राथमिक स्कूल के बच्चों को प्रतिदिन 450 कैलोरी, उच्च प्राथमिक के बच्चों को 700 कैलोरी युक्त भोजन मुहैया कराया जाना है। इसके लिए बच्चाें को अंडा, फल और चौलाई के लड्डू दिए जाने चाहिए, लेकिन कई स्कूलों मेें इन मानकों को पालन नही किया जा रहा है। अतिरिक्त पोषण के नाम पर बच्चों को अंडा और फल की जगह मूंगफली दी जा रही है। इसका खुलासा पिछले दिनों स्कूलों के निरीक्षण के दौरान हुआ था।
इस पर एसएसए के राज्य परियोजना निदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सभी मुख्य शिक्षाधिकारियोें को पत्र लिखा है। परियोजना निदेशक कैप्टन तिवारी ने जिलाधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे भी अपने स्तर पर नियमित समीक्षा करें ताकि योजना को कड़ाई से लागू कराया जा सके।