इसी तरह चार मामलों में भी मरीजों की पहले सर्जरी फिर डिस्चार्ज और बाद में भर्ती दिखाया गया। आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध होने से 16 मई, 2019 तक देवकी नंदन हॉस्पिटल में 143 मरीजों का इलाज किया।
इसमें 61 मामलों में मरीजों का इलाज अनुमति से पहले किया गया। मरीजों के इलाज के नाम पर क्लेम राशि के बिलों में फर्जीवाड़ा करने पर 10 जून, 2019 को अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
सही जवाब न मिलने पर अटल आयुष्मान के निदेशक (प्रशासन) डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने देवकी नंदन हॉस्पिटल का योजना से अनुबंध निरस्त करने के आदेश जारी किए। वहीं अस्पताल को 3.24 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। इसके लिए 15 दिन का समय दिया है।