विधानसभाध्यक्ष की ओर से दलबदल कानून के तहत जारी किए गए नोटिस के बावजूद बागी विधायक रेखा आर्य और भीमलाल आर्य सफाई देने नहीं पहुंचे। विधायक रेखा आर्य ने अपने प्रतिनिधि के माध्यम से नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिनों की मोहलत मांगी है। जबकि विधायक भीमलाल की ओर से कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है।
विगत 10 मई को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेसी विधायक रेखा आर्य ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था, जबकि भाजपा विधायक भीमलाल आर्य कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था।
उनके इस कदम के चलते विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दोनों विधायकों को दलबदल कानून के तहत नोटिस जारी करते हुए दो जून को अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा था। नोटिस जारी होने के बावजूद दोनों विधायक बृहस्पतिवार को विधानसभा नहीं पहुंचे।
रेखा आर्य ने भेजा हलफनामा
विधायक रेखा ने अपने प्रतिनिधि के माध्यम से यह हलफनामा भेजा कि वह बीमार हैं और बरेली में इलाज करा रहीं हैं। उन्होंने विधानसभाध्यक्ष से 15 दिनों की मोहलत मांगी है। वहीं, विधायक भीमलाल अपना पक्ष रखने के लिए पहुंचे ही नहीं। ना ही उन्होंने नहीं आने का कोई कारण बताया। दोनों विधायकों का पक्ष जानने के बाद विधानसभाध्यक्ष यह तय करेंगे कि उन पर दलबदल कानून लागू होता है या नहीं और क्या कार्रवाई की जा सकती है।