आमतौर पर अफसरों का स्थानांतरण तीन साल बाद ही होता है मगर बीडीओ सुमन राणा को महज साढ़े तीन साल की नौकरी में ही शासन ने सोमवार को आठवां ट्रांसफर आर्डर थमा दिया।
हाईकोर्ट से मिला स्टे आर्डर
इससे परेशान होकर बीडीओ ने मंगलवार को हाईकोर्ट में शरण ली। जहां से उन्हें स्टे आर्डर के रूप में राहत मिली। विभागीय सूत्रों के मुताबिक हल्द्वानी निवासी सुमन राणा की पहली तैनाती फरवरी 2011 में टिहरी जिले में बीडीओ के पद पर हुई थी।
मगर डेढ़ साल के कार्यकाल में ही उनके जिले में ही चार स्थानांतरण कर दिए गए। अगस्त, 2012 में उनका स्थानांतरण पिथौरागढ़ जिले में हुआ। एक साल से भी कम अवधि में दो और स्थानांतरण जिले के ही ब्लाकों में किए गए।
इसके बाद भी ट्रांसफर का दौर थमा नहीं और 12 सितंबर, 2013 में उनका स्थानांतरण पिथौरागढ़ से ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर ब्लाक में किया गया।
एक वर्ष पूरा होने से पहले ही सोमवार को उनका स्थानांतरण देहरादून सचिवालय के लिए कर दिया गया। इस पर बीडीओ ने मंगलवार को हाईकोर्ट की शरण ली।
सीडीओ इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के आदेश पर स्थानांतरण आदेश जारी किया गया। फिलहाल बीडीओ को कोर्ट से राहत मिल गई है।