वेतन संशोधन की मुख्य मांग को लेकर उत्तराखंड में 1800 बैंक शाखाओं पर बुधवार को ताला रहेगा।
एक हजार करोड़ का कारोबार होगा प्रभावित
26 सरकारी बैंकों समेत तीन निजी बैंकों कर्नाटक, नैनीताल और फेडरल बैंक के लगभग 15000 अधिकारी/कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इससे एक हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
इस दौरान लोगों को खासी दिक्कत होने की आशंका है, क्योंकि चेक जमा करना, ड्राफ्ट बनवाना जैसे काम नहीं होंगे, इसके अलावा जो निजी बैंक हड़ताल पर नहीं हैं, वहां भी चेक क्लियरिंग का कार्य प्रभावित होगा।
एटीएम हालांकि चलते रहेंगे, लेकिन दिन में कैश जमा न होने से घंटाघर, राजपुर रोड पर स्थित विभिन्न बैंकों के एटीएम से कैश निकासी में दिक्कत आ सकती है।
उधर, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की ओर से हो रही इस हड़ताल की पूर्व संध्या पर बैंक कर्मचारियों/अधिकारियों ने राजपुर रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कामर्शियल शाखा के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोजित सभा में उन्होंने केंद्र पर निशाना साधा।
पांच लाख करोड़ रुपए वसूले जाने की मांग
साफ किया कि वह 11 फीसदी वेतन वृद्धि पर सहमत नहीं। इसका प्रतिशत 25 ही होना चाहिए। सरकार और आईबीए में 15 बैठक हो चुकने के बावजूद कोई हल न निकलने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
बैंकों में कई प्रमुखों के पद खाली होने का मुद्दा उठाने के साथ ही उन्होंने सरकार से पूंजीपतियों के पास फंसे बैंकों के पांच लाख करोड़ रुपए वसूले जाने की भी मांग की।
प्रदर्शन करने वालों में यूएफबीयू के संयोजक जगमोहन मेहंदीरत्ता, पीआर कुकरेती, हरिओम नारंग, समदर्शी बड़थ्वाल, सोहन सिंह रजवार, राजेश सिंघल, एलएम भट्ट, नवीन कुमार, राजन पुंडीर, कमल तोमर, मुरारीलाल आदि शामिल रहे।