कृषि निदेशक गौरीशंकर ने बताया कि केंद्र की ओर से खरपतवार नाशक ग्लाइफोसेट को प्रतिबंधित करने की अधिसूचना जारी है। केरल की ओर से ग्लाइफोसेट के प्रयोग से होने वाले जोखिम को लेकर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई। जिसके बाद केंद्र ने विशेषज्ञ और परामर्श समिति की सिफारिशों पर ग्लाइफोसेट को प्रतिबंधित किया है।
सरकार ने प्रदेश में खरपतवार नाशक ग्लाइफोसेट की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आदेश पर कृषि विभाग ने सभी जिलों को ग्लाइफोसेट पर प्रतिबंध को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई सरकारी व निजी विक्रेता प्रतिबंध के बावजूद भी ग्लाइफोसेट की बिक्री करता है तो उसके खिलाफ कीटनाशक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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ग्लाइफोसेट का इस्तेमाल खरपतवार को नष्ट करने के लिए किया जाता है लेकिन इसका दुष्प्रभाव यह है कि जिस जमीन पर ग्लाइफोसेट का इस्तेमाल किया जाता है, वहां कई महीनों तक कोई भी फसल नहीं होती है। साथ ही पशुओं और जीव जंतुओं के लिए भी घातक है। केरल की ओर से ग्लाइफोसेट के प्रयोग से होने वाले जोखिम को लेकर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई। जिसके बाद केंद्र ने विशेषज्ञ और परामर्श समिति की सिफारिशों पर ग्लाइफोसेट को प्रतिबंधित किया है।
कृषि निदेशक गौरीशंकर ने बताया कि केंद्र की ओर से खरपतवार नाशक ग्लाइफोसेट को प्रतिबंधित करने की अधिसूचना जारी है। इस पर सभी जिलों को ग्लाइफोसेट की बिक्री न करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। निदेशक ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई विक्रेता ग्लाइफोसेट की बिक्री करता है तो उसके खिलाफ एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।