गंगा तट पर कथा की जताई इच्छा
वहीं, आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि परमार्थ निकेतन के तट से सनातन के संदेश के साथ संस्कृति और संस्कारों का उद्घोष प्रतिदिन होता है। उन्होंने परमार्थ गंगा तट पर कथा आयोजित करने की इच्छा भी व्यक्त की।
कहा कि यह स्थान वास्तव में अपार शांति प्रदान करने वाला है। इस दौरान स्वामी चिदानंद ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को रुद्राक्ष का पौधा आशीर्वाद स्वरूप भेंट किया।