बता दें कि 23 अगस्त को बारिश के बाद बदरीनाथ हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आ गया था। जिससे हाईवे बंद हो गया था। एनएचआईडीसीएल की टीम हाईवे से मलबा हटाने में जुटी थी लेकिन भूस्खलन क्षेत्र में पहाड़ी से बार-बार चीड़ के पेड़ और मलबा गिर रहा था।
जिसके चलते वाहनों को नंदप्रयाग से सैकोट गांव होते हुए कोठियालसैंण और उसके बाद बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब भेजा जा रहा था। यहां करीब सात किमी सैकोट सड़क यात्रा का वैकल्पिक मार्ग बना है। लेकिन यहां भी दबाव बढ़ने लगा था।