बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के तीन दिन बाद सोमवार से बदरी विशाल की शीतकालीन यात्रा भी शुरू हो गई है। हालांकि प्रशासन और बीकेटीसी की ओर से यात्रा का अभी औपचारिक शुभारंभ नहीं किया गया है।
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद से बदरीनाथ की शीतकालीन पूजाएं जोशीमठ और पांडुकेश्वर में शुरू हो गई हैं। जोशीमठ नृसिंह मंदिर में भगवान बदरी विशाल की शीतकालीन पूजाएं और पांडुकेश्वर योग ध्यान मंदिर में बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भ गृह) से पंचायत के भगवान कुबेर और उद्धव जी की पूजाएं संपन्न होंगी।
बुकिंग काउंटर खोल दिए गए
बीकेटीसी द्वारा पांडुकेश्वर और जोशीमठ मंदिरों में बदरीनाथ के अभिषेक, महाभिषेक की पूजाओं के लिए बुकिंग काउंटर खोल दिए गए हैं। बदरीनाथ शीतकालीन यात्रा के नोडल अधिकारी एमएस बिष्ट ने बताया कि बदरीनाथ धाम की शीतकालीन यात्रा शुरू हो गई है।
बदरीनाथ हाईवे के साथ ही शीतकालीन पूजा स्थलों पर तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं मुहैया करवा दी गई हैं। जोशीमठ और पांडुकेश्वर में अलाव की व्यवस्था भी कराई गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि शीतकालीन यात्रा जल्द ही रफ्तार पकड़ लेगी।
इधर, बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने कहा कि बदरीनाथ धाम की शीतकालीन यात्रा धाम के कपाट बंद होने के साथ ही शुरू हो गई है। समिति द्वारा जोशीमठ और पांडुकेश्वर में पूजा के लिए सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।