खिलाड़ियों से पदक जीतने की आस लगाए बैठे खेल विभाग का हाल यह है कि इस विभाग को स्वीकृत बजट तक पूरा जारी नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा प्रशिक्षकों की कमी है जो दूर नहीं हो रही है।
221 में से 138 पद रिक्त चल रहे हैं। दूसरे राज्यों के मुकाबले खिलाड़ियों को प्रतियोगिता की तैयारी के लिए जरूरी सुविधाओं की भी भारी कमी है। इन सबके बावजूद सरकार खिलाड़ियों से झोली भरकर पदक की आस लगाए बैठी है।
राज्य गठन के बाद खेल विभाग के 221 पद स्वीकृत हुए थे। इसमें से सिर्फ 83 कर्मचारी और अधिकारी ही काम कर रहे हैं। अवस्थापना विकास, खेल मैदान, हॉस्टल, कोच आदि की भारी कमी है। राज्य के 18 स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है। सरकार ने दो अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कराया है। इसमें से सिर्फ देहरादून का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम ही बनकर तैयार हो पाया है।
ये भी अभी तक खेल विभाग को स्थानांतरित नहीं हुआ है। सुविधाओं के अभाव में हमारे खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेल रहे हैं। खेल विभाग की ओर से पिथौरागढ़ में स्पोर्ट्स कालेज की स्थापना की गई। अभी यहां बाक्सिंग और फुटबाल की ही कक्षाएं चल रही हैं। तैराकी के लिए नाम पर दो पूल हैं। इसमें से हल्द्वानी में ही सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर का पूल है। इस पूल में भी मानक के अनुरूप सुविधाएं नहीं हैं। इतना होने पर भी प्रदेश सरकार 2019 के राष्ट्रीय खेल की मेजबानी हासिल करने की कोशिश कर रही है।
खेल विभाग को पर्याप्त बजट नहीं मिल पाता है। विभाग में 138 पद खाली हैं। उत्तराखंड के खिलाड़ियों में प्रतिभा तो है लेकिन आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षकों की कमी से खिलाड़ी मेडल नहीं ला पा रहे हैं।
- प्रशांत आर्या संयुक्त निदेशक खेल
राज्य गठन के बाद के विभाग के हाल
राज्य गठन के समय राज्य गठन के बाद
स्टेडियम 18 18
हॉस्टल 04 14
स्पोर्ट्स कालेज 01 02
अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम 00 02
स्वीमिंग पुल 02 02
- ये आंकड़े खेल विभाग उत्तराखंड से लिए गए हैं।
इतने कम बजट में क्या होगा
वर्ष स्वीकृत धनराशि अवमुक्त धनराशि व्यय
2004-05 129.53 29 29
2005-06 129.90 46.78 46.78
2006-07 118.95 62.15 62.15
2007-08 121.10 119.25 113.25
2008-09 177.82 167.82 167.82
2009-10 295.22 287.43 284.88
2010-11 468.47 457.37 457.37
2011-12 749.89 654.14 654.14
2012-13 1270.92 669.00 669.00
2013-14 1472.41 974.43 967.28
2014-15 1730.43 1648.54 1638.63
2015-16 1717.91 1466.82 1462.13
2016-17 1825.08 1122.60 1117.76
- ये आंकड़े सांख्यिकी विभाग उत्तराखंड के हैं। सभी आंकड़े लाख में हैं।