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13 सालों में हमले हुए तेज, अब खतरे में 'आधी दुनिया'

Fri, 20 Dec 2013 10:43 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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बेटियां जननी हैं, नहीं बचेंगी तो हम भी नहीं बचेंगे। अगर बात इस देवभूमि की करें तो यहां भी बेटियां (आधी दुनिया) सुरक्षित नहीं है।
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राज्य गठन के बाद से प्रदेश में कोख में पल रही बेटियों पर हमले तेज हुए हैं। हाल यह है कि 13 सालों में बाल लिंगानुपात 101 अंक गिरा है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी चिंतित
राज्य में गिरते लिंगानुपात पर केंद्र की बार-बार फटकार लगाने के बाद अब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी चिंता जता रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो नौ राज्यों के 284 जिलों में किए गए वार्षिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2012 के अनुसार उत्तराखंड में बाल लिंगानुपात (0-6) 866 हो गया है।

जबकि 2011 में 886 था और 2001 में बाल लिंगानुपात 967 था। इन आंकड़ों को देखते हुए केंद्र सरकार ने कई बार राज्य सरकार को फटकार लगाई लेकिन स्थिति सुधारने के बजाय बिगड़ती ही जा रही है।
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सबसे गंभीर बात यह है कि पहाड़ों पर डाक्टरों को चढ़ाने में सरकार विफल रही है, लेकिन अल्ट्रासाउंड केंद्र धड़ल्ले से कारोबार कर रहे हैं।

गुरुवार को गर्भावस्था पूर्व प्रसव निदान तकनीक अधिनियम (पीसीपीएनडीटी एक्ट) के राज्य पर्यवेक्षक बोर्ड की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी इस पर चिंता जताई। नेगी ने माना कि पांच जिलों में हालत चिंताजनक हैं।

बैठक में लिंग जांच में शामिल अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें सील करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विधायक सरिता आर्य, विजया बड़थ्वाल, अपर सचिव डी सेथिंल पांडेयन, राज्य नोडल अधिकारी सरोज नैथानी, निदेशक जीएस जोशी मौजूद रहे।

कटघरे में प्रशासन
राज्य पर्यवेक्षक बोर्ड की कारगुजारी सुधरी तो जरूर, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीनों पर नजर रखने में जिलाधिकारियों की कार्यप्रणाली अब भी सवालों के घेरे में है।
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राज्य में मौजूद लगभग 518 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के निरीक्षण करने में जिलाधिकारी गंभीर नहीं हैं। एनआरएचएम निदेशक डी सेथिंल पांडेयन ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश को सख्ती से अनुपालन करवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

उत्तराखंड में गिरता बाल लिंगानुपात
जनपद - 2001 - 2011
पिथौरागढ़ - 902 - 764
पौड़ी - 930 - 899
टिहरी - 927 - 888
रुद्रप्रयाग - 953 - 899
देहरादून - 894 - 890
चमोली - 935 - 889
हरिद्वार - 862 - 869
उत्तरकाशी - 942 - 915
चंपावत - 934 - 870
नैनीताल - 910 - 891
बागेश्वर - 930 - 901
यूएसनगर - 913 - 896
अल्मोड़ा - 933 - 921
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