रक्षा मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और पौड़ी सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी ने आदर्श ग्राम योजना के तहत रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित देवली भाणी गांव को गोद लिया है। जून 2013 की आपदा में इस गांव के 57 लोगों ने जान गंवाई थी, जिसमें से अधिकांश केदारनाथ में पुरोहित थे।
केवल महिलाएं बची
खंडूड़ी का कहना है कि आपदा ने इस गांव के अधिकांश पुरुषों को छीन लिया, अब यहां महिलाएं ही बची हैं, जिनके जीवन यापन और सशक्तिकरण के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है।
पूर्व सीएम खंडूडी ने गुरुवार को पार्टी प्रदेश कार्यालय पर हुई पत्रकार वार्ता में कहा कि गांव में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के साथ ही आपदा प्रभावित महिलाओं को स्वरोजगार देना ही प्राथमिकता होगी।
महिलाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग
खंडूडी ने गांव की महिलाओं के जीवन यापन के लिए एक ऊनी वस्त्र निर्माण करने वाली संस्था के साथ वार्ता भी की है। मुक्ता गुप्ता की यह संस्था अल्मोड़ा जिले में महिलाओं को रोजगारपरक ट्रेनिंग देने के साथ ही रोजगार भी उपलब्ध करवा रही है।
सांसद ने बताया कि यह संस्था देवली गांव में भी महिलाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर देगी। सार्थक प्रयासों से आने वाले दो वर्ष में गांव की तस्वीर बदली जाएगी।