कॉल सेंटर से प्रमाणपत्रों का सत्यापन
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से कॉल सेंटर से भी अस्पतालों की ओर से क्लेम बिलों के साथ दिए जाने वाले प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जाता है। इलाज कराने वाले मरीज ने अस्पतालों को प्रमाणपत्र दिया है या नहीं, हस्ताक्षर, इलाज करने पर पैसे का भुगतान समेत अन्य जानकारी का सत्यापन किया जाता है।
एक दिन में औसतन 500 से अधिक मरीज हो रहे भर्ती
आयुष्मान योजना में प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक मरीज सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती किए जा रहे हैं। योजना में अब तक 5.95 लाख लाभार्थियों का मुफ्त इलाज किया गया। इस पर 1046 करोड़ की राशि खर्च की गई।
आयुष्मान योजना में पारदर्शी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अस्पतालों को क्लेम भुगतान के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। जो अस्पताल मरीजों से इलाज का पैसा ले रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पहली बार में तीन गुना तक पेनल्टी लगाई जा रही है।
- डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण।