पुलिस रिपोर्ट के आधार पर उपचार तत्काल शुरू
केंद्र सरकार ने 70 साल या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना शुरू की है। इस योजना में बुजुर्गों के लिए पांच लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा है। अब तक प्रदेश के 20 हजार से अधिक वय वंदना कार्ड बन चुके हैं। पांच हजार लाभार्थियों के इलाज पर 20 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। सड़क हादसे में घायल हुए पीड़ितों के लिए आयुष्मान के तहत ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण व सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संयुक्त पहल से कैशलेस उपचार की खास व्यवस्था की गई है। इसमें किसी भी सड़क हादसे के घायल को सिर्फ पुलिस रिपोर्ट के आधार पर उपचार तत्काल शुरू किया जाता है। इसमें 1.50 लाख तक या सात दिन कैशलेस उपचार की सुविधा है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी ने कहा आयुष्मान योजना को जन अपेक्षाओं पर खरा उतारने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। सेवाओं में कोई कोताही न हो, इसके लिए अस्पतालों को निर्देश दिए गए। गलत दावे प्रस्तुत करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
आयुष्मान योजना विश्व की सबसे बड़ी आरोग्य योजना है। यह योजना लाखों रोगियों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। उत्तराखंड में सात वर्ष में योजना से 17 लाख मरीजों को निशुल्क इलाज का लाभ मिला है। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
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आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। महंगे उपचार के कारण जहां पहले लोग उपचार नहीं करा पाते थे, आज आयुष्मान कार्ड लेकर किसी भी बड़े सरकारी या निजी अस्पताल में निशुल्क उपचार सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। -डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री