फीस एक्ट लागू करने का वादा किया पर हिम्मत नहीं जुटा पाई सरकार
हर साल शिक्षा सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों पर स्कूल ड्रेस, किताब और फीस वृद्धि को लेकर मनमानी के आरोप लगते रहे हैं। इस पर रोक के लिए सरकार की ओर से फीस एक्ट लागू करने का वादा किया जाता रहा है। पूर्ववर्ती हरीश रावत की कांग्रेस सरकार में इसके लिए एक्ट का ड्राफ्ट तैयार किया गया था, लेकिन तब सरकार इसे लागू करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। इसके बाद भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार में भी कुछ ऐसा ही हुआ। अब पिछले साल सरकार की ओर से एनईपी के तहत प्राधिकरण के गठन का आदेश हुआ, लेकिन प्राधिकरण का अब तक न ढांचा बना न ही इस दिशा में कोई नियम कानून बना पाया है।
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केंद्र सरकार ने एनसीईआरटी को और एनसीईआरटी ने सीबीएसई को स्कूल मानक प्राधिकरण के नियम कानून बनाने के लिए अधिकृत किया है। सभी स्कूल इसके दायरे में आएंगे। सीबीएसई की ओर से एक आदर्श ढांचा बनाया जाना है, जिसके आधार पर राज्य में भी काम किया जाएगा। - आरडी शर्मा, अपर निदेशक एससीईआरटी