परिवहन निगम ने 47 करोड़ रुपये सरकार को लौटा दिए
जिन मार्गों पर अभी तक केवल रोडवेज बसों का संचालन होता था, वहां निजी बसें चलाने से परिवहन निगम को भारी राजस्व नुकसान होगा। बैठक में इस बात का भी विरोध जताया गया कि पूर्व की बैठक में विशेष श्रेणी, संविदा कर्मियों के रिटायरमेंट या अचानक मृत्यु पर दो लाख रुपये का प्रस्ताव अभी तक निगम अपनी बोर्ड बैठक में नहीं लाया।
न ही बस उपलब्ध न होने पर ड्यूटी आने वाले ड्राइवर-कंडक्टरों को 200 किलोमीटर देने पर कोई निर्णय लिया गया है। बैठक में इस बात पर भी विरोध जताया गया कि हाईकोर्ट में यूपी से मिले पैसे का एसेट या कर्मचारियों पर खर्च के अलावा कहीं अन्य न करने का शपथपत्र देने के बावजूद परिवहन निगम ने 47 करोड़ रुपये सरकार को लौटा दिए हैं।
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बैठक में तय किया गया कि विरोध स्वरूप 19 अप्रैल को टनकपुर वर्कशॉप, हल्द्वानी बस अड्डा और आईएसबीटी देहरादून में एक दिवसीय कार्य बहिष्कार व धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी निगम ने चेता तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।