जहां एक तरफ मौसम विभाग इस बार बरसात कम बारिश होने की संभावना जता रहा है, वहीं ग्रह चाल कुछ और कह रही है।
सौरमंडल के गुरु बृहस्पति पिछले दिनों अपनी उच्चतम राशि कर्क में जाकर परमहंस हो गए थे। गुरु के बाद अब सौरमंडल के नियंता सूर्य भी कर्क में प्रवेश करने वाले हैं।
गुरु के परमहंस होने का असर जुलाई के पहले दिन मौसम के सुखद अहसास के रूप में सामने आया।
12 वर्ष बाद परमहंस पद को प्राप्त हुए गुरु
कुछ समय बाद सूर्य के भी कर्क में आ जाने से मौसम और खुशगवार होने जा रहा है।
विगत 19 जून को उच्च राशि में प्रवेश कर गुरु 12 वर्ष बाद परमहंस पद को प्राप्त हुए थे।
ज्योतिषीय मान्यता है कि इसका असर मौसम पर जरूर पड़ता है। संयोग यह है कि गुरु के कर्क में जाते ही ग्रहमंडल के नियंता सूर्यदेव भी आगामी 16 जुलाई को कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
धरती पर पड़ेगा शुभदायी प्रभाव
13 जुलाई से श्रावण मास शुरू होगा तथा संक्रांति से सूर्य की दक्षिण यात्रा प्रारंभ हो जाएगी।
जुलाई के पहले दिन से संकेत मिला है कि आने वाले दिनों में मौसम काफी खुशगवार हो जाएगा। यद्यपि वर्षा से जलभराव की परेशानियां लोगों को झेलनी पड़ेगी। कर्क राशि में आए गुरु त्रिकोण मुद्रा में आ गए हैं।
ज्योतिषाचार्य रविशंकर जोशी के अनुसार इस मुद्रा में बृहस्पति का धरती पर शुभदायी प्रभाव पड़ता है। विशेषकर वर्षा ऋतु के संयोग से परमहंस योग और भी जीवनदायी बन जाता है।