शनि, मंगल और राहु को भारतीय ज्योतिष में क्रूर ग्रह माना गया है। जब भी इन ग्रहों की युति किसी चर राशि में हुई है, तो भारत ही नहीं अपितु पूरी धरती पर माहौल बिगड़ा है।
होली तक बने रहेंगे यह हालात
जाती हुई ठंड लौट आने के पीछे भी यही तीनों ग्रह हैं। यह हालात होली तक बने रहेंगे। भारत ही नहीं अपितु दुनिया के कईं मुल्कों में मौसम एकाएक गड़बड़ा गया है।
भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार, जिस स्विटरजरलैंड में सवेरे का तापमान -9 तथा शाम का तापमान -7 रहा करता था। वहां दोनों समय का तापमान प्लस 9 हो गया है।
इसी प्रकार अमेरिका में भीषण तूफान चल रहे हैं और बर्फबारी हो रही है। भारत के जम्मू काश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सुधरते हुए मौसम का एकाएक बर्फबारी में बदलना तीनों क्रूर ग्रहों की युति का परिणाम हैं।
अनेक नए रोगों का जन्म भी
मार्च के महीने से एक और संकट आने जा रहा है। शनि और मंगल की गति बदलकर वक्री हो जायेगी। यह स्थिति राजनैतिक दृष्टि से भयावह मानी जाती है। अनेक नए रोगों का जन्म भी गति बदलने पर होता है।
डॉ. मिश्रपुरी के अनुसार तुला, मीन और वृश्चिक राशि वालों के लिये खराब समय शुरू हो गया है। इस बार होली के अवसर पर कष्ट और बढ़ सकते हैं।
उस दौरान शनि और मंगल के साथ राहु की गति भी वक्री हो जायेगी। ऐसी युतियों के समय केवल दुर्गा उपासना से कष्टों का शमन हो सकता है।