देहरादून। उत्तराखंड में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अब तस्करों की आर्थिक ताकत पर भी चोट की जा रही है। मादक पदार्थों की तस्करी से जुटाई गई संपत्ति को चिह्नित कर उसे फ्रीज करने की कार्रवाई के तहत इस साल अब तक करीब छह करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। वहीं, नशे के धंधे में बार-बार शामिल होने वाले 16 तस्करों को एक साल तक जेल में रखने की कार्रवाई की गई है।
एसटीएफ के मुताबिक, एक जनवरी से 20 अक्तूबर के बीच मादक पदार्थों की कमर्शियल मात्रा के साथ पकड़े गए तस्करों की वित्तीय जांच कराई गई। इस दौरान 19 लोगों की संपत्ति की पड़ताल में करीब छह करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित होना सामने आया। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने इन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश दिए। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का मकसद केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को कमजोर करना भी है। इसी रणनीति के तहत पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस कानून के तहत 16 आदतन तस्करों के प्रिवेंटिव डिटेंशन को मंजूरी मिली है। इन्हें एक साल तक निरुद्ध रखा जाएगा। एसटीएफ अब इसी तरह के 20 से 22 अन्य तस्करों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।