सोमवार से शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा सत्र के पांच दिन (24 से 28 नवंबर तक) इलाकाई लोगों के लिए मुसीबत भरे होंगे।
पहले की तरह बैरियर और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के चलते हालात में सुधार की उम्मीद नहीं है। बुजुर्ग, महिलाओं और स्कूली बच्चों को बैरियर और सख्त सुरक्षा प्रबंधों से जूझना होगा। प्रदर्शनों के दौरान लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।
इस बार बैरियर भी छह की जगह सात कर दिए गए हैं। दूसरे जिलों से ड्यूटी के लिए बुलाए गए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अलावा सुरक्षाकर्मी देर रात दून आते रहे। एसएसपी अजय रौतेला ने एसपी सिटी अजय सिंह और दल-बल के साथ शाम को विधानसभा पहुंचकर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।
यहां लग रहे बैरियर
- रिस्पना पुल, विधानसभा, डिफेंस कालोन, हरिद्वार बाईपास रोड
- शास्त्रीनगर, राजीवनगर, प्रगति विहार, सुरक्षा में इतनी फोर्स
इतने सुरक्षा बल रहेंगे तैनात
सत्र के दौरान आला अफसरों के अलावा 6 सीओ, 17 थाना प्रभारी, 40 दारोगा, 7 हेड कांस्टेबल, 4 महिला दारोगा, 170 कांस्टेबल, 50 महिला कांस्टेबल के अलावा 18 प्लाटून पीएसी तैनात होगी। विधानसभा तिराहे पर ट्रैफिक बूथ बनाया जाएगा। जुलूस और प्रदर्शन के लिए थानों का फोर्स इस्तेमाल होगा।
डायवर्जन प्लान आज
विधानसभा सत्र के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन प्लान रविवार को जारी होगा। शनिवार दिन भर मंथन के बावजूद प्लान फाइनल नहीं हो सका।
एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय ने बताया कि डायवर्जन प्लान ऐसे बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को दिक्कत न हो। सत्र के दौरान ड्यूटी पर रहने वाले पुलिसकर्मियों को रविवार दोपहर डेढ़ बजे पुलिस लाइन में बीफ्रिंग होगी।
विधानसभा के आसपास धारा 144 लागू
विधानसभा परिसर के आसपास 500 मीटर परिधि में धारा 144 लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि विधानसभा 2014 का तीसरा सत्र 24 नवंबर से शुरू होगा। इस दौरान विधानसभा के आसपास धरना, प्रदर्शन पर पाबंदी रहेगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिस थाना क्षेत्र में विधानसभा आती है, वहां कोई भी व्यक्ति बंदूक, लाठी, स्टिक, तलवार आदि लेकर नहीं चलेगा। थाना क्षेत्र में किसी प्रकार की नारेबाजी, लाउड स्पीकर का प्रयोग, सरकारी इमारतों पर नारे लिखना, भड़काऊ भाषण, भ्रामक साहित्य का प्रचार-प्रसार प्रतिबंधित है।
प्रतिबंधित क्षेत्र में हिंसा के लिए कोई ईंट-पत्थर एकत्रित नहीं करेगा। समूह में बसों, ट्रैक्टर ट्रालियों और दोपहिया वाहन जुलूस पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 24 नवंबर से अग्रिम आदेश तक प्रभावी रहेगा।
सत्र के दौरान कारोबार प्रभावित रहेगा। बैरियर होने से ग्राहक नहीं आ पाएंगे। प्रदर्शनकारियों के हंगामे के कारण तोड़फोड़ की संभावना भी रहती है।
- सतीश नौटियाल, दुकानदार