सोमवार (24 नवंबर) से शुरू हो रहे विधानसभा शीतकालीन सत्र के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। इस इंतजाम को सुरक्षा के साथ-साथ भाजपा के विधानसभा घेराव की दृष्टि से भी देखा जा रहा है।
आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने शुक्रवार को सत्र की सुरक्षा के मद्देनजर विधानसभा के आला अधिकारियों जिला व पुलिस प्रशासन के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सत्र शुरू होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के पहले दिन पूर्व की भांति जारी अस्थाई प्रवेश पत्र मान्य नहीं होंगे। विधायकों की संस्तुति पर एक तथा मंत्रीगणों की संस्तुति पर दो आगंतुकों को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। मंत्रियों और विधायकों को उपलब्ध कराए गए सुरक्षा कर्मी भी गेट से बाहर रहेंगे।
उच्च अधिकारी अपने वाहन से विधान सभा परिसर में आएंगे लेकिन वाहन बाहर ही पार्क होंगे। सत्र के दौरान विधान सभा सचिवालय में देर रात तक कार्य के दौरान एजेंडा बनकर छपने तक के लिए अलग से पुलिस कर्मिकों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
कुंजवाल ने विधान भवन परिसर में वॉच टावरों, प्रवेश व निकासी द्वारों पर सशक्त पुलिस बल तैनात किए जाने के निर्देश दिए।
विधान सभा परिसर में कैंटीन के पीछे पूर्व-दक्षिण में निर्माणधीन भवन के पीछे जर्जर हालत में स्थित वॉच टावर संख्या पांच को ठीक कराने के निर्देश दिए गए। एक उप निरीक्षक और 15 आरक्षी सत्रावधि में मार्शल/सुरक्षाधिकारी विधान सभा के नियंत्रण में रहेंगे।
बैठक में विधानसभा सचिव जगदीश चंद्र, सचिव गृह विनोद शर्मा, सचिव सचिवालय प्रशासन पीएस. जंगपांगी, एडीजी कानून व्यवस्था रामसिंह मीणा, आईजी जीएन.गोस्वामी, महानिदेशक सूचना रविनाथ रमन, डी.आई.जी. गढ़वाल संजय गुंज्याल, डीएम. देहरादून चंद्रेश कुमार आदि अधिकारी मौजूद थे।