लोकायुक्त संशोधन विधेयक के लिए बुलाए गए विशेष सत्र की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। भाजपा राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध कर सकती है।
सोमवार को ही यह फैसला भी होगा कि सदन की कार्यवाही 15 जनवरी को चलेगी या नहीं। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी सोमवार को ही है।
अभिभाषण का कर सकते हैं विरोध
हालांकि राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध न जताने का आश्वासन विपक्ष पहले ही दे चुका है पर जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उनमें यह पूरी संभावना है कि विपक्ष राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करें।
इससे पहले कांग्रेस भी राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करती आई है और उस समय कांग्रेस का तर्क था कि राज्यपाल सरकार की उपलब्धियों को सामने रखते हैं जिनसे कांग्रेस सहमत नहीं। ठीक इसी तर्ज पर अब भाजपा भी कदम बढ़ा रही है।
15 को सत्र पर संशय
सोमवार को ही कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी है। इस बैठक में यह भी तय होना है कि 15 जनवरी को सदन की कार्यवाही होगी या नहीं।
15 जनवरी को बसपा का राष्ट्रीय अधिवेशन है और बसपा सदस्यों ने इस दिन सदन की कार्यवाही न होने का आग्रह किया था।
असंतुष्ट बने मुसीबत
सत्र के लिए हालांकि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही तैयारी में जुटे हैं पर कांग्रेस के समाने चुनौती ज्यादा बड़ी है। कांग्रेस को अपने मंत्रियों और विधायकों से भी जूझना है और विपक्ष से भी। ऐसे में फ्लोर मैनेजमेंट में कांग्रेस को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
सोमवार को व्हिप पर फैसला
कांग्रेस के मुख्य सचेतक विजयपाल सजवाण के मुताबिक व्हिप जारी करने पर सोमवार को फैसला होगा। दूसरी ओर फ्लोर की रणनीति के लिए कांग्रेस फिलहाल नेता सदन और मुख्यमंत्री पर ही निर्भर है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक शायद ही हो और अगर यह बैठक होती भी है तो इस पर फैसला सोमवार को ही होगा। ऐसे में 15 या फिर 16 जनवरी को ही सरकार संशोधन विधेयकों और अध्यादेशों को सदन के पटल पर रखेगी।
मान गए दो असंतुष्ट
विधानसभा सत्र से ठीक पहले मुख्यमंत्री असंतुष्ट चल रहे हरीश धामी और ललित फर्सवाण को बहुत हद तक मनाने में कामयाब रहे। धामी क्षेत्र में पुनर्वास और अन्य कार्य न होने से नाराज थे और उनकी चेतावनी थी कि बात न बनी तो विधानसभा में धरना देने से गुरेज नहींकरेंगे।
मुख्यमंत्री से मिलकर माने
रविवार को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ओर से दोनों विधायकों को बातचीत का न्यौता मिला। करीब आधे घंटे की बातचीत में दोनों विधायकों ने खुलकर अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
बातचीत के बाद हरीश धामी ने कहा कि वे सीएम से हुई बातवचीत से संतुष्ट है। मुख्यमंत्री ने तय समय में क्षेत्र की समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया है।