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बनते ही धंस गई थी सड़कें, मरम्मत के बाद भी नहीं सुधरे हालत

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जांच में मानकों पर खरी उतरी सड़कें छह माह में ही धंस गईं। धंसने के बाद लोनिवि ने मरम्मत कराई, लेकिन इसके बाद भी हालत सुधरे नहीं। आलम यह है कि फिर से सड़कें उसी हालत में आ गई है और फिर से धंस गई हैं। मरम्मत के बाद भी सड़कें धंसने से जहां विभागीय जांच व निर्माण कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं, वही विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।
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दरअसल, पेयजल निगम ने पानी की लाइन डालने के लिए सालभर पहले बाईपास से गोरखपुर चौक, बनियावाला चौक से सुंदरी बस्ती, बनियावाला सेवली रोड, बाईपास मुस्लिम बस्ती गोरखपुर चौक, गोरखपुर चौक से बड़ोवाला रोड को खोदा था। पेयजल लाइन डालने के बाद लोनिवि निर्माण खंड ने लाखों रुपये खर्च कर यहां सड़क बनाने का कार्य किया था। लेकिन बनते ही सड़कों पर दरारें पड़ने लगी। कहीं जगह सड़क उखड़ने लगी और गहरे गड्ढे हो गए। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो जिला प्रशासन की अगुवाई में सड़कों की गुणवत्ता की जांच की गई। लेकिन हैरत की बात है कि जांच में सड़कों को दुरुस्त पाया गया। कुछ दिन बाद जब खोदाई वाला हिस्सा पूरी तरह से धंस गया तो और गुणवत्ता पर फिर से सवाल उठे तो विभाग ने तत्काल खोदाई वाले हिस्से की दोबारा मरम्मत करवा दी। उस समय सड़क धंसने का कारण ट्रैंच वाले हिस्सों में मिट्टी के धंसाव व ठीक से भरान न होना बताया गया, लेकिन इसके बाद भी सड़कों की हालत नहीं सुधरी है। मरम्मत के कुछ माह बाद ही फिर से छह माह पहले मरम्मत की गई सड़कों पर फिर से दरारें पड़ गई है तो कहीं सड़क पूरी तरह से धंस चुकी है और दोबारा मरम्मत की राह ताक रही है। दोबारा मरम्मत के बाद भी सड़कों पर दरारें पड़ने और धंसने से जहां निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों की घेरे में हैं।
दोबारा मरम्मत के बाद सड़कों के धंसना गंभीर विषय है। इसके लिए संबंधित खंड के ईई से जवाब मांगा जाएगा। सड़कों का निरीक्षण कर जांच की जाएगी। अगर गुणवत्ता खराब पाई गई तो दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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- एएस भंडारी, एसई लोक निर्माण विभाग
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