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गिनीज बुक के बाद अरविंद का यह है नया लक्ष्य

Thu, 06 Mar 2014 05:22 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून स्थित ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के शिक्षक अरविंद मिश्रा ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालांकि आधिकारिक रूप से गिनीज बुक ने अभी इसे अपने रिकॉर्ड बुक में शामिल नहीं किया है।
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गुरुवार की सुबह सात बजकर एक मिनट पर अरविंद ने यह रिकॉर्ड अपने नाम किया है। वह गुरुवार शाम चार बजे तक लगातार 130 घंटे पढ़ा चुके हैं।

इस मौके यूनिवर्सिटी के चेयरमैन कमल घनसाला ने खुशी जाहिर की और कहा कि अरविंद के इस रिकॉर्ड से दुनिया में देहरादून का नाम रोशन हुआ है।

रिकॉर्ड पूरा होती ही कैंपस में आतिशबाजी शुरू हो गई। पोलैंड के शिक्षक द्वारा 121 घंटे लगातार पढ़ाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने के बाद ग्राफिक एरा विवि के शिक्षक अरविंद मिश्रा बेहद खुश हैं। विवि में इस मौके पर जश्न का माहौल है।

अभी रुका नहीं है अरविंद का सफर

ग्राफिक एरा विवि के शिक्षक अरविंद मिश्रा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज रिकॉर्ड तोड़ने के बाद भी पढ़ाना जारी रखे हुए हैं। अरविंद ने कहा कि वे कल तक पढ़ाएंगे।

पहुंची है मां और बहन
अरविंद ने आज सुबह दोस्तों और परिवार की मौजूदगी मे वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। अरविंद की मां और बहन कल ही कानपुर से देहरादून पहुंची हैं। अरविंद मिश्रा कानपुर के रहने वाले हैं।

अरविंद की मां ने बताया क‌ि रिकॉर्ड के ल‌िए पढ़ाना शुरु करने के एक दिन पहले फोन पर इसकी जानकारी दी थी। अगले दिन बेबसाइट पर उन्होंने बेटे की फोटो देखी। बेटे को ‌र‌िकॉर्ड बनाने देखने के ल‌िए कल वह दून आई हैं।

पहले था 130 घंटे का लक्ष्य

पोलैंड के शिक्षक द्वारा 121 घंटे लगातार पढ़ाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने के बाद ग्राफिक एरा विवि के शिक्षक अरविंद मिश्रा ने कहा था ‌क‌ि वे गुरुवार की शाम चार बजे तक पढ़ाकर 130 घंटे पूरे करेंगे।

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गुरुवार की सुबह सात बजने के साथ ही पोलेंड के शिक्षक का वर्ल्ड रिकॉर्ड टूट गया। विवि में इस मौके पर जश्न का माहौल है। लगातार छह दिन और पांच रात पढ़ाकर शिक्षक अरविंद मिश्रा यह वर्ल्ड रिकॉर्ड दोबारा भारत को दिलाया है।

पोलैंड से पहले भारतीय शिक्षक के नाम था रिकॉर्ड

पोलैंड के इरॉल माझोवाजी से पहले यह रिकॉर्ड एक भारतीय शिक्षक का था।

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अरविंद ने अपने मैराथन लेक्चर के विषय के रूप में वैज्ञानिक संगणना जैसे जटिल विषय को चुना है। विवि का एमबीए सभागार नया इतिहास रचने की इस बेमिसाल कवायद का गवाह बन रहा है।

विवि के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला ने अरविंद मिश्रा के हौसले और लगन की सराहना करते हुए कहा कि इस शिक्षक ने सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है।
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सात बजते ही हो गए द‌ुनिया के ल‌िए खास

छह मार्च की सुबह सात बजते ही अरविंद मिश्रा कीर्तिमान बनाकर पूरी दुनिया के लिए खास हो गए। विवि के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला ने भी अरविंद मिश्रा की हौसलाअफजाई की।

उमड़ रही भीड़
छह दिन से लगातार अपना लैक्चर जारी रखने वाले शिक्षक को देखने और सुनने के लिए वहां उमड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।

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पांचवे दिन शिक्षक का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद विवि के चिकित्सक डॉ. डीसी व्यास ने उन्हें पूरी तरह फिट करार दिया। थकान के बजाए अरविंद का चेहरा पहले दिन की तरह खिला हुआ है और गुजरने वाला हर पल उन्हें नया इतिहास रचने की ओर ले जा रहा है।
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