राजस्व और रेगुलर पुलिस की जांच में इस घटना में देवेंद्र चम्याल ग्राम दसाऊं नगरखान अल्मोड़ा और भगवती भोज उर्फ भावना, उर्फ भागीरथी निवासी काकड़ी सोमेश्वर का शामिल होना पाया गया था।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम प्रीतू शर्मा की अदालत ने पांच साल पहले धारी के तहसीलदार के सरकारी वाहन को जलाने और माओवादी गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोपी देवेंद्र चम्याल व भगवती भोज को दोषमुक्त करार दिया है। मामले के अनुसार पहली फरवरी 2017 को धारी में तहसीलदार की जीप को आग लगा दी गई थी। साथ ही आसपास की दीवारों पर माओवादी नारे लिखकर पर्चे और पंफलेट फेंके गए थे। इनमें भाकपा माओवादी का उल्लेख था। दोनों पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
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राजस्व और रेगुलर पुलिस की जांच में इस घटना में देवेंद्र चम्याल ग्राम दसाऊं नगरखान अल्मोड़ा और भगवती भोज उर्फ भावना, उर्फ भागीरथी निवासी काकड़ी सोमेश्वर का शामिल होना पाया गया था। इनके खिलाफ धारी तहसील में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सरकार ने उक्त पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को 23 सितंबर 2017 को चोरगलिया से गिरफ्तार किया था, जिनमें से भगवती भोज को चार अक्तूबर 2021 को जमानत मिल गई थी। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने गवाह कोर्ट में पेश किए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया।