उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों की पेंशन और रिकॉर्ड से संबंधित दिक्कतों से लेकर कैंटीन, ईसीएचएस आदि सुविधाओं में सुधार को लेकर सेना 28 दिसंबर से रैली आयोजित करने जा रही है।
गढ़ी कैंट में होने वाली दो दिवसीय रैली में मौजूद सुविधाओं का लाभ लेने के लिए पूर्व सैनिकों को अपने पेंशन, सर्विस रिकॉर्ड लेकर आना होगा।
शनिवार से शुरू होगी रैली
सेना पूर्व सैनिकों के कल्याण और पुनर्वास की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और उसका फायदा सुदूर इलाकों में रहने वाले पूर्व सैनिकों तक पहुंचाने के लिए शनिवार से रैली आयोजित कर रही है।
लगातार दो दिन सुबह 9 बजे से शाम चार बजे तक रैली का संचालन किया जाएगा, जिसमें दोपहर खाने की व्यवस्था भी सेना ने की है। सेना अपने सभी रिकॉर्ड कार्यालयों की शाखाओं को रैली स्थल पर तैनात कर रहा है।
लाने होंगे सर्विस रिकॉर्ड
रेजीमेंट मुख्यालय के अलग-अलग रिकॉर्ड स्टाल लगे होंगे, जिसमें संबंधित रेजीमेंट का पूर्व सैनिक अपनी रिकॉर्ड संबंधित समस्या को दूर करने के लिए आवेदन कर सकेगा।
पहुंचने वाले पूर्व सैनिकों को इस व्यवस्था का लाभ लेने के लिए अपने सारे सर्विस रिकॉर्ड साथ लाने होंगे। रैली में राज्य सरकार भी पूर्व सैनिक कल्याण योजनाओं से लेकर लघु उद्योग में निवेश योजनाओं के स्टाल लगा रही है।
पेंशन विसंगति दूर होगी
पूर्व सैनिकों की पेंशन निर्धारण में खामियों के कई मामले सामने आ रहे हैं। पेंशन विवाद निस्तारण और निर्धारण के लिए सेना ने प्रिसिंपल कंट्रोलर डिफेंस अकाउंट्स सहित बैंकों के स्टाल लगाए हैं।
पूर्व सैनिकों को मौजूदा पेंशन से संबंधित दस्तावेज स्टाल में प्रस्तुत करने होंगे।
पुनर्वास की जानकारी
सेना के डायरेक्टर जनरल रिसेटलमेंट का प्लेसमेंट सेल रैली में होगा जो पुन:रोजगार के मौके सुनिश्चित करवाएगा।
इसके साथ सैन्य आवासीय योजनाओं के लिए आर्मी वेल्फेयर हाउसिंग आर्गेनाइजेशन (एडब्ल्यूएचओ) अपनी योजनाएं रखेगा।
मल्टी स्पेशलिटी हेल्थ कैंप
ईसीएचएस के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मल्टी स्पेशलिटी हेल्थ कैंप लगेगा। इस कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का प्रावधान रहेगा। इसके लिए ईसीएचएस कार्ड को साथ लाना होगा।