रेलवे रोड हरिद्वार निवासी डॉ. विजय वर्मा ने प्रदेश के मुख्य सचिव और जिलाधिकारी हरिद्वार के खिलाफ खनन माफिया से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में परिवाद दायर किया है।
यह पहला मामला है जब किसी अधिकारी के खिलाफ खनन को लेकर कोर्ट में परिवाद दायर हुआ है। न्यायालय ने परिवाद को स्वीकार करते हुए परिवादी के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होगी।
परिवादी डॉ. विजय वर्मा, जेपी हेल्थ पेराडाइस के निदेशक है। उन्होंने सीजीएम कोर्ट में दो दिसंबर को परिवाद दायर करते हुए बताया कि मां गंगा हिंदू धर्म की आस्था की प्रतीक है। अनंत काल से गंगा को माता के रूप में पूजा जाता रहा है।
गंगा में मृतकों की अस्थियां प्रवाहित कर लोग दिवंगत आत्माओं के स्वर्ग में जाने की परिकल्पना करते आ रहे हैं। लेकिन माफिया द्वारा खनन के नाम पर मां गंगा के गर्भ को रौंदा जा रहा है।