- अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ के धार्मिक स्थलों से जुड़े मार्गाें को बेहतर करने की भी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कैंची धाम के लिए एक पैदल पुल और तैयार किया जाएगा। इससे श्रद्धालु को आवागमन में सुविधा होगी। इसके साथ ही लोनिवि ने अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी योजना तैयार की है, इसका उल्लेख लोनिवि ने राेड इंफ्रास्ट्रक्चर मास्टर प्लान-2026-2031 में भी किया है।
कैंची धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है, इसको देखते हुए करीब 12 किमी लंबे बाईपास समेत अन्य योजनाओं को तैयार करने के साथ काम किया जा रहा है। धाम में पहुंचने के लिए वर्तमान में एक पैदल पुल है, अब यहां पर एक और पैदल पुल बनाने कर योजना है। जिससे एक पुल से यात्री जाएं और दूसरे पुल से बाहर की ओर निकल जाएं। इससे एक पुल पर दबाव नहीं होगा और प्रबंधन भी सुगम होगा। साथ ही यहां पर एक बहुमंजिला पार्किंग भी बनाने की योजना है।
नैनीताल में नयना देवी मंदिर को जाने वाले मार्ग का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। लोनिवि सचिव पंकज पांडेय ने बताया कि कैंची धाम में एक और पैदल पुल बनने से सुविधा होगी।
डेढ़ लेन तक की सड़क की चौड़ाई
लोनिवि ने अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी योजना बनाई है। अल्मोड़ा जिले में चितई में गोल्ज्यू देवता के मंदिर, कटारमल, कसार देवी और नंदा देवी को जोड़ने वाली सड़कों को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही यहां के मार्गाें को डेढ़ लेन के मानकों के हिसाब से बेहतर बनाने की योजना भी है। इसके साथ ही पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर जिले में स्थित धार्मिक स्थलों के लिए भी योजना पर कार्य का जिक्र राेड इंफ्रास्ट्रक्चर मास्टर प्लान-2026-2031 में किया गया है।