महिलाएं अपनी समस्याएं किस प्लेटफार्म पर रखें जागरूकता के अभाव में उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती। डायल 112 एप को महिलाओं का सच्चा साथी कहा जा सकता है। लेकिन, ज्यादातर महिलाओं को इसकी भी जानकारी नहीं है।
जागरूकता की जब संवाद में बात हुई तो तमाम सवाल उठे। महिलाओं ने कहा ज्यादातर महिलाओं को यही पता नहीं होता कि उनके लिए क्या-क्या योजनाएं चलाई जा रही हैं? किस-किस योजना में उन्हें क्या-क्या मदद मिल सकती है? पुलिस उनके लिए क्या कर रही है? महिलाओं के इन सवालों का डीआईजी रिदिम अग्रवाल ने जवाब दिए। सबसे पहले उन्होंने डायल 112 एप के बारे में विस्तार से बताया।
कहा, डायल 112 मोबाइल एप में बहुत से एडवांस फीचर हैं। यदि कोई महिला अपने फोन पर एप के माध्यम से 112 का डायल पैड तीन बार टच करे तो उसकी लोकेशन कंट्रोल रूम में तुरंत चली जाती है। यह सूचना सिर्फ पुलिस तक ही नहीं बल्कि उस क्षेत्र में एक्टिव लगभग हर नंबर के पास पहुंच जाती है। इससे तत्काल यह पता चल जाता है कि किस क्षेत्र में कोई महिला परेशान है या उसे परेशान किया जा रहा है। महिला ही नहीं बल्कि ये किसी भी पीड़ित के लिए फीचर है।
इन नंबरों की भी दी जानकारी
- 181 वन स्टॉप सेंटर का कॉल सेंटर
- 1098 महिला हेल्पलाइन
- डायल 112