जून में प्रदेश में आई आपदा के समय देवदूत बनकर लोगों की जान बचाने वाले सेना, आईटीबीपी और पुलिस के जवानों को अमर उजाला ने गुरुवार को सम्मानित किया। राजभवन में अमर उजाला की आवाज जय जवान कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक हुआ।
दोपहर ढाई बजे से साढ़े तीन बजे तक चले इस कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बहादुर सपूतों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमर उजाला की देहरादून वेबसाइट को भी लॉन्च किया।
15-19 जून को केदारनाथ, बदरीनाथ और उत्तरकाशी में भीषण बारिश की वजह से हजारों तीर्थयात्री और स्थानीय लोग फंस गए थे। पहाड़ों से पानी के साथ आए मलबे के सैलाब ने सैकड़ों लोगों को लील लिया।
उफनाई नदियों और दरकते पहाड़ों ने लोगों कैद कर लिया था। लोग भूख-प्यास और बीमारी से काल का ग्रास बन रहे थे। चारों ओर चीख-पुकार मची थी। पैदल मार्ग बंद थे और आसमान से बारिश के रूप में आफत बरस रही थी।
नया जीवन दिया
ऐसे में दुर्गम स्थानों पर फंसे हजारों लोगों को बचाने के लिए सेना, आईटीबीपी और पुलिस के जवान देवदूत बनकर आए। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों को सकुशल बाहर निकाल कर नया जीवन दिया। हजारों लोगों को नई जिंदगी देने वाले इन जांबाज जवानों को पूरा देश सलाम करता है।
अमर उजाला भी उनके हौसले, जज्बे, साहस और बहादुरी को सलाम करता है। अपनी भावनाओं को जवानों, उनके परिजनों और आम लोगों तक पहुंचाने के लिए अमर उजाला ऐसे जवानों को सम्मानित कर रहा है।