ज्योतिषाचार्य डाॅ. प्रतीक मिश्रपुरी ने कहा कि अक्षय तृतीया पर किया गया कार्य अक्षय फल प्रदान करने वाला है। अक्षय तृतीया पर बिना शुभ मुहूर्त के कोई भी शुभ कार्य संपन्न किया जा सकता है। पूजा शुभ मुहूर्त सुबह सुबह 7 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में स्थित होंगे। धन की देवी माता लक्ष्मी की आराधना के विशेष दिन अक्षय तृतीया पर मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी और दान-धर्म के कार्यों को उत्तम होगा।
विशेषकर सोना खरीदना सबसे ज्यादा शुभ होगा।शिव उपासना धर्मार्थ ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी रामभजन वन ने कहा कि अक्षय तृतीया पर सूर्योदय के समय शीतल जल से स्नान कर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें। उन्हें सफेद फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें।